ओमान के फूड सेफ्टी एंड क्वालिटी सेंटर (FSQC) ने रमजान के महीने से ठीक पहले किचन और खाना पकाने के तरीकों को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। गल्फ देशों में रहने वाले और खासकर रमजान में घर पर ज्यादा खाना बनाने वाले लोगों के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है। खाने-पीने की चीजों में साफ-सफाई न रखने और गलत तरीके से खाना बनाने या बेचने पर अब भारी जुर्माना लग सकता है।
किचन में काम करते समय किन बातों का ध्यान रखें
FSQC ने बताया है कि किचन में छोटी-छोटी गलतियां सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। खाना बनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है।
- Gloves का इस्तेमाल: ग्लव्स सिर्फ खाना बनाने के लिए हैं। इन्हें पहनकर खाना न खाएं और लंबे समय तक एक ही ग्लव्स का इस्तेमाल न करें। यह हाथ धोने का विकल्प नहीं है।
- बर्तन धोने का स्पंज: स्पंज में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया जमा होते हैं। इसे हर इस्तेमाल के बाद पानी से धोकर सुखाएं और 1 से 2 हफ्ते में इसे बदल दें। बदबू आने पर इसे तुरंत फेंक दें।
- खाना पिघलाना (Thawing): फ्रिज से निकाले गए जमे हुए खाने को रूम टेम्परेचर पर रखने के बजाय, धीरे-धीरे पिघलाने के लिए फ्रिज के निचले हिस्से में रखें।
- Cooking Oil: खाना पकाने वाले तेल को बार-बार इस्तेमाल न करें और इसे बहुत ज्यादा गर्म होने से बचाएं।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना
ओमान फूड सेफ्टी कानून के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस के काम करने या खराब सामान बेचने पर भारी जुर्माना तय किया गया है।
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माने की रकम |
|---|---|
| बिना लाइसेंस वाली जगह या बिना सोर्स का खाना बेचना | 100 से 500 OMR |
| हानिकारक चीजें मिलाना या स्टाफ को ट्रेनिंग न देना | 100 से 5,000 OMR |
| लगातार गलती दोहराना | 50 OMR प्रतिदिन (अधिकतम 5,000 OMR) |
रमजान के लिए खास तैयारी और Seafood खरीदने के नियम
रमजान के दौरान घरों में ज्यादा खाना बनता है, इसलिए क्रॉस-कंटामिनेशन (बीमारियों के फैलने) का खतरा बढ़ जाता है। मस्कट म्यूनिसिपैलिटी ने भी कहा है कि गर्म खाने को दो घंटे के अंदर ठंडा कर लें और फ्रिज का तापमान 5 डिग्री या उससे कम रखें।
अगर आप बाजार से Seafood खरीद रहे हैं, तो उसकी ताजगी जरूर चेक करें। ताजी मछली की आंखें साफ होती हैं, मांस कड़क होता है और उसमें से प्राकृतिक महक आती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खाने-पीने का सामान हमेशा लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।