ओमान सरकार अपनी खाद्य सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी को लेकर काफी गंभीर है। अब देश में खाने-पीने की चीज़ों की क्वालिटी सुधारने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया गया है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि विदेशों से आने वाले सामान की जांच भी अब पहले से ज़्यादा कड़ी हो गई है।

बोतलबंद पानी और मछली के आयात के लिए क्या हैं नए नियम?

22 अप्रैल 2026 से ओमान में कुछ खास चीज़ों के आयात के लिए नए अनिवार्य नियम लागू हो गए हैं। अब विदेशों से आने वाले बोतलबंद पीने के पानी, फार्म वाली मछली और डिब्बाबंद मछली के उत्पादों के लिए एक्रिडिटेशन (Accreditation) होना ज़रूरी है। यह फैसला Food Safety and Quality Centre (FSQC) ने लिया है, जो रॉयल डिक्री नंबर 84/2008 के तहत काम करता है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि देश में आने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का हो।

खाद्य सुरक्षा के लिए ओमान ने कितने निवेश का ऐलान किया?

ओमान ने अपनी खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए बड़े निवेश की योजना बनाई है। Invest Oman प्लेटफॉर्म के ज़रिए कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्र में 93.8 मिलियन ओमानी रियाल (लगभग 243 मिलियन डॉलर) के निवेश के मौके दिए गए हैं। इसमें कुल 11 बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। साथ ही, Nama Water Services पानी के नेटवर्क को अपग्रेड कर रहा है ताकि पानी का सही और टिकाऊ इस्तेमाल हो सके। ओमान ने 2026 से 2030 तक के लिए FAO के साथ एक फ्रेमवर्क भी तैयार किया है जिससे खेती को जलवायु के हिसाब से बेहतर बनाया जा सके।

निरीक्षण और चेकिंग में क्या कार्रवाई की गई?

North Sharqiyah Governorate में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं। Eng. Manaa Saif al Habsi के अनुसार, साल 2025 में 439 फील्ड विजिट की गईं और 69 विशेष जांच अभियान चलाए गए। इस दौरान बैन पीरियड में बेची जा रही आधा टन से ज़्यादा किंगफिश को जब्त किया गया। इसके अलावा, 5 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तक ‘खाद्य सुरक्षा सप्ताह’ मनाया गया, जिसमें Dr. Intisar Salim Al Ghraibi ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना और फूड सेफ्टी सिस्टम को और मज़बूत करना था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.