ओमान के विदेश मंत्री H.E. Sayyid Badr Al Busaidi ने 14 जुलाई 2026 को ईरान को लेकर अपनाए गए पुरानी नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फ्रेंच अखबार ‘Le Monde’ में लिखे एक लेख में कहा कि दशकों से चली आ रही ईरान को घेरने की रणनीति अब कारगर नहीं रही है। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत का रास्ता फिर से अपनाने पर जोर दिया है।
समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर ओमान की पहल
ओमान सरकार इस समय ईरान और अन्य तटीय देशों के साथ मिलकर Strait of Hormuz से समुद्री व्यापार को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए काम कर रही है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह मार्ग खुला रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, ओमान ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध विराम करने और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और ईरान का रुख
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान के विदेश मंत्री Dr. Abbas Araghchi ने हालिया हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया। 13 जुलाई 2026 को ईरान ने अमेरिका के नए हमलों के बाद खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। ओमान ने स्थिति को संभालने के लिए ईरान के राजदूत को तलब किया था और लगातार बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।
