Oman Foreign Minister का बयान, क्षेत्र में शांति के लिए अब गंभीर बातचीत ज़रूरी, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का किया स्वागत
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र हमद अल बुसैदी ने मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए गंभीर बातचीत की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया युद्धविराम के बाद ओमान ने साफ़ किया है कि डिप्लोमेटिक कोशिशें लगातार जारी रहनी चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि भले ही स्थिति थोड़ी सुधरी है लेकिन शांति के लिए अभी और भी कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है जिससे तनाव फिर से न बढ़े.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की मुख्य बातें क्या हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 से दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ है. इस समझौते को सफल बनाने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है और ओमान ने इस मध्यस्थता का स्वागत किया है. अब आने वाले शुक्रवार यानी 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बड़ी बैठक होने वाली है जो करीब 15 दिनों तक चल सकती है. ओमान का मानना है कि इस मौके का इस्तेमाल जड़ से समस्याओं को खत्म करने के लिए होना चाहिए.
बातचीत और सुरक्षा को लेकर क्या शर्तें तय हुई हैं?
- Strait of Hormuz: अमेरिका ने शर्त रखी है कि ईरान को यह समुद्री रास्ता व्यापार के लिए पूरी तरह सुरक्षित और तुरंत खोलना होगा.
- सुरक्षा गारंटी: ईरान की मांग है कि उस पर होने वाले हमले बंद हों ताकि वह सुरक्षित माहौल में बातचीत की मेज़ पर बैठ सके.
- प्रस्ताव: ईरान के 10-पॉइंट प्रस्ताव और अमेरिका के 15-पॉइंट प्रस्ताव को इस्लामाबाद वार्ता का मुख्य आधार बनाया जाएगा.
- क्षेत्रीय समर्थन: भारत, ब्रिटेन, मिस्र और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने भी इस शांति प्रक्रिया का समर्थन किया है क्योंकि यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए ज़रूरी है.
- ओमान की भूमिका: ओमान हमेशा से ही क्षेत्रीय विवादों में एक निष्पक्ष मध्यस्थ रहा है और इस बार भी वह शांति प्रयासों में पूरी मदद कर रहा है.




