Oman के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad al Busaidi ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए रूस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। इस बातचीत का मुख्य मकसद ईरान और इसराइल के बीच बढ़ रहे विवाद को रोकना और शांति लाना था। ओमान इस समय दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर राजनीतिक समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।

रूस के साथ क्या हुई चर्चा और क्या है योजना?

Sayyid Badr ने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov से बात की। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने तनाव को कम करने और संकटों का राजनीतिक हल निकालने पर चर्चा की। रूसी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि बातचीत में इन मुख्य बातों पर ज़ोर दिया गया:

  • हिंसा पर रोक: ईरान और उसके पड़ोसी अरब देशों में फिर से हिंसा न भड़के और आम लोगों के बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचे।
  • राजनयिक प्रयास: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तनाव न बढ़ाया जाए और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर बातचीत शुरू की जाए।
  • रूस की मदद: रूस ने इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ज़रूरी मदद देने का भरोसा दिया है।

जर्मनी के साथ किन मुद्दों पर हुई बात?

एक अलग बातचीत में Sayyid Badr और जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने ओमान और जर्मनी के बीच आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने पर बात की। इस चर्चा में दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता पर भी चर्चा हुई। मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:

  • क्षेत्रीय संकट: ईरान पर इसराइल के हमलों और गज़ा पट्टी में हो रही तबाही और हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून: दोनों मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र के कानून (Law of the Sea) का पालन करने की बात कही।
  • फिलिस्तीन का मुद्दा: Sayyid Badr ने इसराइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का ज़िक्र किया और फिलिस्तीनी राज्य के लिए दो-राज्य समाधान (two-state solution) की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान ने रूस और जर्मनी से बात क्यों की?

ओमान ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने, ईरान और इसराइल के बीच हिंसा को रोकने और गज़ा के संकट को सुलझाने के लिए इन देशों के विदेश मंत्रियों से चर्चा की।

गज़ा के मुद्दे पर ओमान का क्या स्टैंड था?

ओमान के विदेश मंत्री ने गज़ा में हो रही तबाही पर चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान की वकालत की।