ओमान के विदेश मंत्री और UN दूत की मुलाकात, मिडिल ईस्ट में शांति और युद्ध रोकने पर हुई चर्चा

ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Hamad Al Busaidi ने 15 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष दूत Jan Arno से मुलाकात की। इस बैठक में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध को रोकने के तरीकों पर विस्तार से बात हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति लाने के लिए कूटनीति और बातचीत ही सबसे सही रास्ता है।

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बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर बात हुई?

मुलाकात के दौरान मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय बदलावों पर चर्चा की गई। इसमें खास तौर पर ईरान पर इजराइल और अमेरिका के युद्ध के असर और मौजूदा युद्धविराम की स्थिति पर बात हुई। बैठक का मुख्य मकसद राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और मानवीय आधार पर संघर्ष का स्थायी समाधान निकालना था। Sayyid Badr ने साफ किया कि ओमान संयुक्त राष्ट्र की उन सभी कोशिशों का समर्थन करता है जो शांति को बढ़ावा देती हैं।

UN दूत ने ओमान की भूमिका के बारे में क्या कहा?

Jan Arno ने ओमान की तारीफ करते हुए कहा कि ओमान ने हमेशा मध्यस्थता और शांति के लिए अपनी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने ओमान के उस तरीके की सराहना की जिससे अलग-अलग विचारों वाले देशों के बीच तालमेल बिठाया जाता है और विवादों को सुलझाया जाता है। उन्होंने माना कि ओमान के अनुभव से क्षेत्रीय स्थिरता लाने में मदद मिलेगी।

UN महासचिव ने क्या चेतावनी दी थी?

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Jan Arno की नियुक्ति के समय UN महासचिव Antonio Guterres ने एक बड़े युद्ध की चेतावनी दी थी। उन्होंने हिजबुल्ला और इजराइल दोनों से हमले रोकने की अपील की थी ताकि गाजा जैसा मॉडल दोबारा न दोहराया जाए। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका और इजराइल से युद्ध खत्म करने और ईरान से अपने पड़ोसियों पर हमला न करने को कहा था।