ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने एक नया शाही फरमान जारी किया है। इस फैसले के तहत ओमान और फ्रांस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है जिससे अब सरकारी मिशन में काम करने वाले अधिकारियों के जीवनसाथी को वहां काम करने की अनुमति मिलेगी। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने और परिवारों को बेहतर सहारा देने के लिए उठाया गया है।
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यह समझौता क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
यह समझौता रॉयल डिक्री 55/2026 के तहत किया गया है। इसका मुख्य मकसद उन लोगों की मदद करना है जो राजनयिक या सरकारी मिशन के हिस्से के तौर पर दूसरे देश में तैनात रहते हैं। अब उनके पति या पत्नी को वर्क परमिट मिलने में आसानी होगी जिससे वे अपनी नौकरी कर सकेंगे। इससे उन परिवारों को काफी राहत मिलेगी जो विदेश में सरकारी ड्यूटी के दौरान साथ रहते हैं।
समझौते की खास बातें और तारीखें
इस समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- साइनिंग डेट: यह समझौता 14 अप्रैल 2026 को पेरिस में साइन हुआ था।
- शाही फरमान: सुल्तान हैथम ने 7 मई 2026 को रॉयल डिक्री 55/2026 जारी कर इसे मंजूरी दी।
- मुख्य अधिकारी: ओमान की तरफ से विदेश मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी खलीफा बिन अली अल-हर्थी और फ्रांस की तरफ से मार्टिन ब्रियन्स ने इस पर हस्ताक्षर किए।
- लागू होने की तारीख: यह नियम 7 मई 2026 से ही लागू हो गया है और इसे ऑफिशियल गजट में प्रकाशित किया जाएगा।
दोनों देशों ने रणनीतिक बातचीत के दौरान अपनी साझेदारी को और बढ़ाने और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमति जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह नया नियम कब से लागू हुआ है?
सुल्तान हैथम ने 7 मई 2026 को रॉयल डिक्री 55/2026 जारी किया, जिसके बाद यह नियम उसी दिन से लागू हो गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य ओमान और फ्रांस के बीच संबंधों को बेहतर बनाना और आधिकारिक मिशन पर तैनात कर्मचारियों के जीवनसाथी के लिए नौकरी के अवसर आसान बनाना है।