ओमान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों ने मस्कट में एक अहम मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। सबसे खास बात यह रही कि दुनिया भर में व्यापार और सामान की सप्लाई को आसान बनाने और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर दिया गया।
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Strait of Hormuz और ग्लोबल ट्रेड पर क्या हुई बात?
ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad al Busaidi और फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने चर्चा की कि Strait of Hormuz से होने वाली शिपिंग को कैसे आसान बनाया जाए। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रुकावटों को दूर करने और ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने की बात कही। इसका मकसद दुनिया की अर्थव्यवस्था को सहारा देना और सामान की आवाजाही को बिना किसी बाधा के जारी रखना है।
ओमान और फ्रांस के बीच किन मुद्दों पर बनी सहमति?
बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि किसी भी विवाद को बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाना चाहिए ताकि स्थिरता बनी रहे। दोनों देशों ने GCC और फ्रांस के संबंधों को और बेहतर बनाने पर विचार साझा किए। मस्कट के विदेश मंत्रालय में हुई इस मीटिंग में ओमान की ओर से यूरोप विभाग के प्रमुख Munthir Mahfoudh al Manthiri और फ्रांस की ओर से राजदूत Nabil Hajlaoui भी मौजूद थे।
पिछली मीटिंग में क्या तय हुआ था?
इससे पहले 15 अप्रैल 2026 को पेरिस में ओमान और फ्रांस के बीच पहली रणनीतिक बातचीत हुई थी। उस चर्चा में निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, संस्कृति और शिक्षा जैसे बड़े विषयों पर बात हुई थी। उस समय आधिकारिक कर्मचारियों के जीवनसाथी के लिए वर्क परमिट देने के मामले में भी सहमति बनी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान और फ्रांस की यह बैठक कहां और कब हुई?
यह बैठक 30 अप्रैल 2026 को ओमान की राजधानी मस्कट में विदेश मंत्रालय के जनरल दीवान में आयोजित की गई थी।
Strait of Hormuz को लेकर क्या चर्चा हुई?
बैठक में Strait of Hormuz के जरिए होने वाली शिपिंग को आसान बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बाधाओं को हटाने पर चर्चा की गई।