ओमान का मशहूर लोबान अब पूरी दुनिया में अपनी खास पहचान बना रहा है। साल 2025 में इसके निर्यात से ओमान ने लाखों रियाल की कमाई की है। साथ ही अब इस लोबान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष सर्टिफिकेट मिला है, जिससे इसके व्यापार और क्वालिटी को दुनिया भर में मान्यता मिलेगी।
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लोबान के निर्यात से कितनी कमाई हुई और सबसे ज्यादा माल कहां गया?
National Centre for Statistics and Information (NCSI) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में ओमान से लोबान के निर्यात की कुल कीमत 4,71,400 ओमानी रियाल रही। इसमें सबसे ज्यादा खरीदारी सऊदी अरब ने की है।
| विवरण | जानकारी/आंकड़े |
|---|---|
| कुल निर्यात मूल्य (2025) | RO 471,400 |
| सऊदी अरब को निर्यात | RO 150,900 |
| सोमालिया को निर्यात | RO 99,200 |
| WIPO रजिस्ट्रेशन तारीख | 20 अप्रैल 2026 |
| नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट ग्रोथ | 2.7% |
| कुल नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट (2025) | RO 17.1 बिलियन से अधिक |
| कुल नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट वृद्धि | 7.5% (लगभग RO 6.7 बिलियन) |
WIPO रजिस्ट्रेशन से ओमान के लोबान को क्या फायदा होगा?
20 अप्रैल 2026 को World Intellectual Property Organization (WIPO) ने ओमान के लोबान को Geographical Indication (GI) के रूप में रजिस्टर किया है। National Intellectual Property Office के डायरेक्टर Khalid bin Hamoud Al Hinai ने बताया कि इस रजिस्ट्रेशन से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार में ओमान के लोबान की टक्कर और मजबूत होगी। इस काम में Nasra bint Sultan Al Habsi और Oman Ministry of Commerce, Industry, and Investment Promotion ने अहम भूमिका निभाई है।
लोबान के पेड़ों को बचाने के लिए क्या नियम लागू हैं?
लोबान के पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए Ministry of Environment and Climate Affairs ने “Sustainable Harvesting of Frankincense Regulation, 2019” लागू किया है। इस नियम के तहत कुछ जरूरी बातें तय की गई हैं:
- लोबान निकालने वाले लाइसेंस धारक एक साल में पेड़ पर सिर्फ दो बार कट (incisions) लगा सकते हैं।
- दो कटों के बीच एक तय दूरी रखना जरूरी है।
- इन नियमों का मकसद Boswellia sacra पेड़ों को फिर से उगने में मदद करना और सप्लाई को लंबे समय तक बनाए रखना है।