ओमान की अर्थव्यवस्था में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। साल 2026 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी (constant prices) 2.6% बढ़ गई है। यह जानकारी 5 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी की गई, जिससे देश की आर्थिक स्थिति की तस्वीर साफ़ हुई है।
National Center for Statistics and Information (NCSI) और अर्थव्यवस्था मंत्रालय की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान की कुल जीडीपी इस दौरान 9.6 अरब ओमानी रियाल तक पहुँच गई। इस बढ़त में तेल और गैर-तेल दोनों तरह के कामों का बड़ा हाथ रहा है।
विभिन्न सेक्टरों में कितनी हुई बढ़त और गिरावट
आंकड़ों के हिसाब से तेल से जुड़े कामों में 4.59% की वृद्धि हुई है, जिसमें कच्चे तेल और नेचुरल गैस दोनों का योगदान रहा। वहीं, गैर-तेल क्षेत्र में भी 2.36% की बढ़त दर्ज की गई, जिसे मुख्य रूप से सर्विस सेक्टर ने सहारा दिया।
| सेक्टर (Sector) | बढ़त/गिरावट (%) |
|---|---|
| फाइनेंस और इंश्योरेंस | 9.61% |
| एग्रीकल्चर और फिशरीज | 6.13% |
| नेचुरल गैस | 6.00% |
| कच्चा तेल (Crude Oil) | 4.30% |
| ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज | 3.11% |
| सर्विस सेक्टर | 3.68% |
| थोक और रिटेल ट्रेड | 1.57% |
| इंडस्ट्रियल एक्टिविटी | -1.24% |
| कंस्ट्रक्शन | -1.86% |
| मैन्युफैक्चरिंग | -3.06% |
जहां एक तरफ फाइनेंस और खेती जैसे क्षेत्रों में तेज़ी रही, वहीं मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन के कामों में कमी आई है। औद्योगिक गतिविधियों में 1.24% की गिरावट देखी गई है, जिसके लिए अब और ज़्यादा निवेश की ज़रूरत बताई जा रही है।
सरकारी बयान और भविष्य की योजना
अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने अपने जून 2026 के बुलेटिन में कहा कि तेल की कीमतें कम होने के बाद भी अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी हुई है। हालांकि, औद्योगिक सेक्टर में आई गिरावट को देखते हुए अब ओमान विजन 2040 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उत्पादकता बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा।
Central Bank of Oman (CBO) ने भी अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक नज़रिया रखा है। बैंक का मानना है कि विजन 2040 के सुधारों और गैर-तेल क्षेत्रों में रिकवरी आने से आने वाले समय में और तरक्की होगी।
