ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए एक स्थायी फ्रेमवर्क तैयार करने पर जोर दिया है। ओमान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने हाल ही में इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयासों की बात कही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इस समुद्री रास्ते को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
तनावपूर्ण हालात और कूटनीतिक बातचीत
बीते 13 जुलाई 2026 को ओमान के विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ मस्कट में बैठक की थी। इस दौरान सुरक्षित मार्ग और समुद्री ट्रैफिक मैनेजमेंट के तरीकों पर चर्चा हुई। हालांकि, इसके तुरंत बाद 12 जुलाई 2026 को ओमान के Duqm पोर्ट पर एक हमले की रिपोर्ट सामने आई, जिसे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जोड़कर देखा जा रहा है। ओमान ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और 14 जुलाई 2026 को ईरान के राजदूत को तलब भी किया है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और नए टोल का असर
क्षेत्र में अस्थिरता के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Trump ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले कार्गो पर सुरक्षा खर्च के नाम पर 20 प्रतिशत टोल वसूलेगा। वहीं, International Maritime Organization (IMO) ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पूरी तरह मुक्त होनी चाहिए और इस पर कोई टोल या शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। ओमान का रुख भी यही है कि वह किसी भी तरह के ट्रांजिट शुल्क का विरोध करता है, लेकिन सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी सेवाओं के लिए नाममात्र शुल्क पर चर्चा के लिए तैयार है।
