ओमान सरकार और International Maritime Organization (IMO) ने मिलकर Strait of Hormuz में एक अस्थायी समुद्री रास्ता यानी कॉरिडोर शुरू किया है. यह कदम 23 जून 2026 को उठाया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और व्यापार में कोई रुकावट न आए. इस फैसले से उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी जो पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में फंसे हुए थे.

इस नए रास्ते को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पुराने शिपिंग लेन में करीब 80 माइन (mines) होने की खबर मिली थी, जिससे वहां से गुजरना खतरनाक हो गया था. अब जहाजों की सुरक्षा के लिए दो अलग रास्ते तय किए गए हैं. एक उत्तरी रास्ता है जो ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर जाता है और दूसरा दक्षिणी रास्ता है जो ओमान के क्षेत्र में है.

IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने बताया कि इस कॉरिडोर के जरिए एक बड़ा निकासी अभियान (evacuation plan) चलाया जा रहा है. इस क्षेत्र में करीब 11,000 से ज्यादा नाविक फंसे हुए थे, जिन्हें अब सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा. इस ऑपरेशन के पहले चरण में 40 जहाजों को निकलने की मंजूरी दे दी गई है.

जहाजों के इस्तेमाल के लिए कुछ जरूरी नियम बनाए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • जहाजों को IMO और ओमान अधिकारियों द्वारा दिए गए नेविगेशनल कोऑर्डिनेट्स का पालन करना होगा.
  • सभी जहाजों का Automatic Identification System (AIS) चालू रहना अनिवार्य है.
  • जहाजों के कप्तान को अपनी चुनी हुई दिशा के तटीय देश से संपर्क कर ट्रैफिक की स्थिति जाननी होगी.
  • इस रास्ते का उपयोग करने के लिए कोई ट्रांजिट फीस नहीं ली जाएगी.

यह पूरी व्यवस्था अमेरिका और ईरान के बीच हुए राजनयिक समझौतों के बाद संभव हो पाई है. ओमान और ईरान ने मिलकर एक ‘joint working group’ भी बनाया है, जो भविष्य में समुद्री सेवाओं और रास्तों के मैनेजमेंट पर काम करेगा. हालांकि, ओमान ने चेतावनी दी है कि रास्ते संकरे होने की वजह से जहाजों के आपस में टकराने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतनी होगी.

Sushma Kumari

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