ओमान की राजधानी मस्कट में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को एक अहम बैठक हुई। इसमें ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मुलाकात की। दोनों नेताओं ने Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की।
इस बैठक का मुख्य मकसद ओमान और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और नई टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात की। मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा बनी रहे ताकि दुनिया भर में व्यापार और सामान की सप्लाई में कोई दिक्कत न आए।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। 9 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि यह कदम ईरान की उन धमकियों को रोकने के लिए था, जिनमें उसने समुद्री रास्ता बंद करने की बात कही थी। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है।
ओमान के विदेश मंत्री ने इसी मुद्दे पर 9 जुलाई को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी मुलाकात की थी। उन्होंने तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक रास्तों को अपनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान भारत के ओमान में राजदूत-नामित प्रशांत पिसे और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
