ओमान में समुद्री संकट में फंसे 34 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन नाविकों में MT Jalveer और MSV Virat के चालक दल के सदस्य शामिल थे। भारत सरकार और ओमान अधिकारियों की कोशिशों के बाद अब ये सभी नाविक मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं।
🚨: US-Iran Peace Deal: 12 अरब डॉलर की रकम पर विवाद, जिनेवा में शुक्रवार को होगा समझौते पर साइन।
MT Jalveer और MSV Virat के नाविकों का रेस्क्यू
11 जून 2026 को MT Jalveer नाम के एक टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई थी। इस जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे। ओमान अधिकारियों की मदद से सभी को सुरक्षित निकाल कर शिनास पोर्ट पहुँचाया गया।
वहीं 14 जून 2026 को MSV Virat 1 नाम का जहाज इंजन फेल होने के कारण डूबने लगा था। यह हादसा रस अल हद्द तट से करीब 80 समुद्री मील दूर हुआ। इसमें सवार सभी 14 भारतीय नाविकों को अमेरिकी नौसेना के P-8 विमान और एक कमर्शियल जहाज ‘Jabal Ali 9’ की मदद से बचाया गया।
मुंबई लौटने की तैयारी
भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट में इन सभी 34 नाविकों से मुलाकात की। सभी नाविक स्वस्थ हैं और फिलहाल ‘Jabal Ali 9’ जहाज के जरिए मुंबई जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने इस पूरे ऑपरेशन में ओमान सरकार के साथ तालमेल बिठाया।
क्षेत्र में तनाव और भारत का कड़ा विरोध
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ गया है। भारत ने इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों को तलब किया और कड़ा विरोध जताया। 10 जून को MT Settebello जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की और कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह के घातक हमले जायज़ नहीं हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नागरिक जहाजों पर हिंसा करना अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिए खतरा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि वे ईरान के प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले जहाजों को रोकने के लिए यह ऑपरेशन चला रहे थे और निर्देशों का पालन न करने पर इन जहाजों को निशाना बनाया गया।