ओमान के दुक्म पोर्ट पर एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इस घटना के बाद अब इलाज में देरी और शव के रख-रखाव को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। भारतीय दूतावास अब उनके पार्थिव शरीर को भारत भेजने की तैयारी कर रहा है।
क्या है पूरा मामला
तमिलनाडु के रहने वाले 35 साल के Nishanth Uirthanathan MT Celestial जहाज पर सेकंड ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक वह 8 जून 2026 को बीमार पड़े थे और मेडिकल कॉम्प्लिकेशंस की वजह से 11 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। यह पूरी घटना ओमान के दुक्म पोर्ट (Duqm Port) पर हुई।
दूतावास की कार्रवाई
Muscat में स्थित भारतीय दूतावास ने निशांत की मौत पर गहरा दुख जताया है। दूतावास के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि वे जहाज मैनेजमेंट कंपनी और ओमान के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करके शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
इलाज में देरी के गंभीर आरोप
Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि निशांत को समय पर मेडिकल मदद नहीं मिल सकी, जिससे उनकी हालत बिगड़ती गई। यूनियन के मुताबिक इलाके में मिसाइल एक्टिविटी और सुरक्षा कारणों से मेडिकल इवैक्युएशन में बाधा आई। आरोप यह भी है कि शव को जहाज पर कई दिनों तक बिना सही प्रिजर्वेशन के रखा गया और क्रू मेंबर्स ने शरीर को ठंडा रखने के लिए ठंडी पानी की बोतलों का इस्तेमाल किया। FSUI ने इस मामले की जांच की मांग की है।
शिप मैनेजमेंट का जवाब
दूसरी ओर, Romana Ship Management Co Ltd ने इन आरोपों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने ओमान के अधिकारियों को समय पर सूचित किया था और भारतीय दूतावास के साथ तालमेल बनाकर मेडिकल सहायता लेने की पूरी कोशिश की थी। कंपनी ने यह भी बताया कि जहाज को शनास पोर्ट (Shinas Port) जाने की सलाह दी गई थी।