ओमान के दुक्म पोर्ट पर MT Celestial नाम के जहाज से एक भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को उतारा गया है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय निशंत उइरथानन के रूप में हुई है, जो तमिलनाडु के रहने वाले थे। मस्कट में भारतीय दूतावास ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है और अब उनके शरीर को भारत भेजने की तैयारी चल रही है।

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निशंत उइरथानन इस जहाज पर सेकेंड ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार वह 8 जून को बीमार हुए थे और 11 जून की शाम करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई। उनके शरीर को जहाज से उतारकर अब दुक्म के स्वास्थ्य मंत्रालय के अस्पताल (Ministry of Health Hospital) में रखा गया है।

मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास अब जहाज चलाने वाली कंपनी और ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द पार्थिव शरीर को भारत भेजा जा सके।

यूनियन ने लगाए लापरवाही के आरोप

इस मामले में Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने जहाज के मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि निशंत को समय पर इलाज और इमरजेंसी मदद नहीं मिली, जिसकी वजह से उनकी जान गई। FSUI ने यह भी दावा किया कि मौत के बाद भी शरीर दो दिनों तक जहाज पर ही रहा और दुक्म पोर्ट पर संपर्क में भी दिक्कतें आईं। यूनियन ने इस पूरी घटना की जांच की मांग की है।

वहीं, जहाज के कप्तान ने बताया कि सुरक्षा कारणों और इलाके में मिसाइल गतिविधियों की वजह से तुरंत मेडिकल मदद मिलना संभव नहीं हो सका था।

गौरतलब है कि इसी जहाज (MT Celestial) को पिछले महीने 20 मई को अमेरिकी मरीन ने भी रोका था और तलाशी ली थी, क्योंकि उन पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नाकाबंदी के नियमों को तोड़ने का संदेह था।