ओमान और ईरान अपने आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए साथ आए हैं। दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने मुलाकात की है ताकि पड़ोसी होने के नाते अच्छे संबंध बने रहें और इलाके में शांति रहे। इस बातचीत का मुख्य मकसद व्यापार बढ़ाना और समुद्र के रास्तों को सुरक्षित रखना है।
सुरक्षा और कूटनीतिक बातचीत
22 जून 2026 को ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने मस्कट का दौरा किया। वहां उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi से मुलाकात की। इस दौरान शांति प्रयासों, क्षेत्रीय सुरक्षा और Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर दिया गया।
इससे पहले 16 और 17 जून 2026 को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसमें अमेरिका और ईरान के बीच हुई समझ और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
व्यापार और समझौतों पर जोर
मई 2025 में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने ओमान का आधिकारिक दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान कानूनी, आर्थिक, स्वास्थ्य, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में 5 समझौते और 10 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
फरवरी 2026 में ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने ओमान के राजदूत से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने और विज्ञान व आधुनिक तकनीक में सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।
क्षेत्रीय मुद्दे और शांति
अप्रैल 2024 में मस्कट में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। इसमें ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi और ईरान के तत्कालीन विदेश मंत्री Dr. Hossein Amir Abdollahian ने फिलिस्तीन मुद्दे पर चर्चा की और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन किया।
ओमान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि विवादों को बातचीत से सुलझाया जा सके।
