ओमान और ईरान के बीच मस्कट में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक हुई है। इस बैठक में ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत में ईरान-अमेरिका वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और ओमान ने भी शांति प्रयासों को अपना समर्थन दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या हुई प्रगति?

बैठक के दौरान ईरान के उप विदेश मंत्री ने ओमान के विदेश मंत्री को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची का एक मौखिक संदेश सौंपा। यह संदेश मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ा हुआ था। दोनों पक्षों ने सभी मोर्चों पर कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। ओमान के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ओमान तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इस बीच एक संभावित समझौते (MOU) पर भी बात हुई है, जिसमें ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और दुश्मनी समाप्त करने जैसी शर्तें शामिल हैं।

Strait of Hormuz और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा फैसला

इस बैठक में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों पर भी गहरी चर्चा हुई। दोनों देशों ने हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन के सिद्धांतों पर जोर दिया। बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि तटीय देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमले शुरू किए तो ईरान की तरफ से कड़ा जवाब दिया जाएगा।

ईरान में कूटनीतिक फैसलों को लेकर राष्ट्रपति का बड़ा बयान

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने स्पष्ट किया है कि देश के सभी प्रमुख कूटनीतिक फैसले सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के दायरे में लिए जाते हैं। इन सभी फैसलों के लिए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मंजूरी अनिवार्य होती है। उन्होंने कहा कि देश के सभी सरकारी और सार्वजनिक मंचों को इन फैसलों का पूरी तरह से समर्थन करना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मस्कट में ईरान और ओमान के बीच हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत पर चर्चा करना और Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

ईरान और अमेरिका की बातचीत में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.