शनिवार, 23 मई 2026 को ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को कम करना और समुद्री रास्तों से जहाजों के सुरक्षित आने-जाने को सुनिश्चित करना था। ओमान हमेशा से ही इस क्षेत्र में एक शांतिदूत और मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और इस बार भी वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
ओमान और ईरान के बीच फोन पर क्या बातचीत हुई?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने फोन पर क्षेत्र के ताजा हालातों पर चर्चा की। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने इस कॉल की पुष्टि की है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी विवाद को बातचीत और कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र में किसी भी बड़े टकराव को टाला जा सके। इसमें सबसे खास मुद्दा समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा का था, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद जरूरी है।
समुद्री रास्ते और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या है नया विवाद?
ईरान ने हाल ही में 18 मई से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में नए नियम और ट्रांजिट फीस यानी टोल टैक्स वसूलने की शुरुआत की है। इसके बाद 22 मई 2026 को ईरान ने एक नया आधिकारिक समुद्री नक्शा भी जारी किया था। अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों के आने-जाने पर कोई नया टैक्स या नियम नहीं थोपा जा सकता। इसी बीच ईरान ने तुर्की, कतर और इराक के साथ भी बातचीत तेज कर दी है ताकि वह अपना पक्ष रख सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच कब बातचीत हुई?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यह फोन कॉल शनिवार, 23 मई 2026 को हुई, जिसमें समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नया विवाद क्या है?
ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर नए नियम और फीस लगाने की कोशिश की है, जिसका अमेरिका और यूएई विरोध कर रहे हैं।
