ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौता, अमेरिका की नाकेबंदी अभी भी सबसे बड़ी रुकावट

Sushma Kumari6 August 20262 min read87 viewsOman
ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौता, अमेरिका की नाकेबंदी अभी भी सबसे बड़ी रुकावट

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जहाँ ईरान और ओमान के बीच इसे खोलने और इसके प्रबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। इस समझौते से पूरी दुनिया की उम्मीदें जुड़ी हैं, क्योंकि इस समुद्री रास्ते से दुनिया भर में तेल की सप्लाई होती है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका द्वारा उनके बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) खत्म नहीं होती, तब तक इस रास्ते को पूरी तरह से खोलना संभव नहीं होगा।

समझौते की स्थिति और अमेरिका की भूमिका

ईरानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि ईरान और ओमान पहले ही जहाजों की आवाजाही के लिए एक सुरक्षित मार्ग और उसके संयुक्त प्रबंधन की व्यवस्था पर सहमति बना चुके हैं। लेकिन, असली पेंच अमेरिका के साथ फंसा है। ईरान का मानना है कि होर्मुज को असुरक्षित बनाने के मुख्य कारक के रूप में अमेरिकी नाकेबंदी अभी भी बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी माना है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और इसकी घोषणा किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान पर हमले को उस समय रोका जब अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था।

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होर्मुज में धमाका और हूती का हमला

इस बीच, सुरक्षा की स्थिति और भी जटिल हो गई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने गुरुवार को पुष्टि की कि ओमान के कुमजार से करीब 10 मील दक्षिण-पूर्व में एक कमर्शियल टैंकर के पास धमाकों की आवाज सुनी गई है। सौभाग्य से, इस घटना में सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। दूसरी ओर, यमन के ईरान समर्थक हूती (Houthi) विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने के संकेत दिए हैं।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने घोषणा की है कि उनके लड़ाकों ने सऊदी अरब के एक और तेल टैंकर 'डेजी' को बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandeb) जलडमरूमध्य के पास निशाना बनाया है। हूती विद्रोहियों ने खुले तौर पर धमकी दी है कि वे सऊदी अरब के हर उस टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाएंगे जो इस समुद्री इलाके से गुजरने की कोशिश करेगा। मध्य पूर्व में पैदा हुए इस सैन्य तनाव के कारण वहां काम करने वाले प्रवासियों और समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।

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