ईरान और ओमान ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 को मस्कट में एक अहम बैठक की। दोनों देशों ने तय किया कि वे Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अपनी तकनीकी और राजनीतिक बातचीत जारी रखेंगे। यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने इलाके में तनाव बढ़ाते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi से मुलाकात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से जहाजों के आने-जाने के लिए सही तरीका और सिस्टम बनाना था। इससे पहले जून 2026 में पाकिस्तान की मदद से एक समझौता (MoU) हुआ था, जिसके तहत ईरान को ओमान के साथ मिलकर जहाजों को समुद्री सेवाएं देने की जिम्मेदारी दी गई थी।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद
जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद हैं। अमेरिका का कहना है कि कमर्शियल जहाजों को बिना किसी फीस के आने-जाने देना चाहिए। वहीं, ईरान का प्लान है कि वह सुरक्षा और सर्विस के बदले फीस लेगा।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 10 जुलाई को ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) खत्म करने का ऐलान कर दिया। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर Hormuz में कोई भी हमलावर गतिविधि हुई, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे।
ईरान ने साफ किया है कि मस्कट में हुई यह बातचीत सिर्फ ओमान और ईरान के बीच थी और इसमें अमेरिकी अधिकारी शामिल नहीं थे। ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि बातचीत अपनी जगह है, लेकिन उनकी सेना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने भरोसे को तोड़ा, तो वे देश की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।
