ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री जहाजों के सुरक्षित आने-जाने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। 4 अप्रैल 2026 को हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के उप विदेश मंत्रियों ने समुद्री ट्रैफिक को सुरक्षित बनाने के लिए नए विकल्पों पर चर्चा की। ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार, 5 अप्रैल को इसकी आधिकारिक जानकारी दी है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक बेहतर सिस्टम तैयार करना है।

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Strait of Hormuz से गुजरने के लिए अब क्या होंगे नए नियम?

ईरानी उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बताया है कि युद्ध जैसी स्थितियों में सामान्य नियम लागू नहीं हो सकते। अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान और Oman से पहले ही जरूरी समझौते, परमिट और लाइसेंस लेने पड़ेंगे। यह नया प्रोटोकॉल दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का मकसद जहाजों को रोकना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सेवाएं और सुरक्षा देना है। जो जहाज किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें इस नए फ्रेमवर्क के तहत अनुमति नहीं दी जाएगी।

किन देशों को मिलेगी राहत और क्या लगेगा कोई चार्ज?

पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने कई देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया है। इसमें भारत सहित चीन और रूस जैसे देश शामिल हैं। हालांकि, अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा और सुविधाओं के नाम पर जहाजों से कुछ शुल्क लेने की भी खबरें सामने आई हैं।

प्रमुख जानकारी विवरण
इन देशों को मिली सुरक्षित अनुमति India, China, Russia, Pakistan, Iraq और Bangladesh
संभावित शुल्क (Toll) लगभग $1 प्रति बैरल तेल (विदेशी टैंकरों के लिए)
भुगतान का माध्यम Yuan या Cryptocurrency
मुख्य शर्तें एडवांस परमिट और लाइसेंस अनिवार्य

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रही है हलचल?

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को इस मामले पर कड़ी चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए बल प्रयोग को लेकर चर्चा होनी थी, लेकिन फ्रांस, रूस और चीन की आपत्तियों के कारण इसे फिलहाल टाल दिया गया है। ओमान और ईरान अब इस पूरे समुद्री इलाके के प्रबंधन के लिए एक साझा ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। इस बदलाव का सीधा असर उन खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर पड़ेगा जो समुद्री रास्ते से होने वाले आयात-निर्यात पर निर्भर हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.