ओमान और ईरान के बीच मस्कट में एक बहुत अहम बैठक हुई है। इस मुलाकात में Strait of Hormuz के संकट को सुलझाने और वहां फंसे हुए नाविकों को जल्द से जल्द छुड़ाने पर जोर दिया गया। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान के जरिए एक नया प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अमेरिका अब भी इस पर भरोसा नहीं कर रहा है।
ओमान और ईरान की बातचीत में किन बातों पर जोर दिया गया?
ओमान के विदेश मंत्री Badr bin Hamad Al Busaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने मस्कट में लंबी चर्चा की। इस बैठक में मुख्य रूप से इन बातों पर बात हुई:
- नाविकों की रिहाई: ओमान ने कहा कि लंबे समय से फंसे हुए नाविकों को छुड़ाना एक बड़ी मानवीय जरूरत है।
- समुद्री रास्ता: दोनों देशों ने चर्चा की कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान कैसे बनाया जाए।
- सुरक्षा तंत्र: ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि Strait of Hormuz को शांति का रास्ता बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तटीय देशों के बीच एक साझा सिस्टम होना जरूरी है।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक दो-चरण वाला प्लान (two-stage plan) भेजा है। ईरान चाहता है कि पहले समुद्री संकट को सुलझाया जाए और बाद में परमाणु चर्चा की जाए। ईरान ने शांति के लिए चार मुख्य शर्तें रखी हैं:
- Strait of Hormuz के लिए एक नया कानूनी ढांचा तैयार किया जाए।
- नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाए।
- भविष्य में सैन्य हमलों के खिलाफ गारंटी मिले।
- अमेरिका जो समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) कर रहा है, उसे हटाया जाए।
अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का इस प्रस्ताव पर क्या रिएक्शन है?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि अगर ईरान वाकई बातचीत करना चाहता है, तो उसे सीधे वॉशिंगटन फोन करना चाहिए। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। इसी नाराजगी के चलते व्हाइट हाउस ने अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner का इस्लामाबाद जाने का प्रोग्राम भी रद्द कर दिया है।