ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने मस्कट में ईरानी अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को पक्का करना था। ओमान ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक सभी जहाजों को बिना किसी टोल के इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने दिया जाना चाहिए।
ईरान के साथ उच्च स्तरीय मुलाकात
22 जून 2026 को विदेश मंत्री Albusaidi ने ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi की मेजबानी की। इस बातचीत के दौरान ओमान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन और जहाजों के लिए टोल-फ्री सुरक्षित रास्ते की मांग दोहराई। इससे पहले 16 जून 2026 को भी विदेश मंत्री Albusaidi और उनके ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi के बीच फोन पर बात हुई थी, जिसमें समुद्री नेविगेशन की आजादी पर चर्चा हुई थी।
US-Iran समझौते का असर
यह पूरी बातचीत 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में हुई अमेरिका और ईरान की बातचीत के बाद हुई है। इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक समझौता (MOU) हुआ, जिसमें Strait of Hormuz से जहाजों के सुरक्षित passage के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस समझौते के तहत विवादों को सुलझाने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि तय की गई है।
सुरक्षा के लिए नए इंतजाम
क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए ओमान ने अपनी तटरेखा की निगरानी के लिए अमेरिका से मदद मांगी है। अमेरिका ने ओमान को मैरीटाइम इंटेलिजेंस ट्रेनिंग और एक कॉन्ट्रैक्टर देने पर सहमति जताई है। वहीं दूसरी ओर, ईरान की डिफेंस काउंसिल ने कहा है कि जो गैर-लड़ाकू जहाज Strait of Hormuz से गुजरना चाहते हैं, उन्हें ईरान के साथ तालमेल करना होगा।
प्रमुख जानकारियां
- 24 मई 2026: मस्कट में ओमान और ईरान के अधिकारियों ने नेविगेशन की आजादी पर बात की।
- 23 मार्च 2026: विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया था कि ओमान सुरक्षित रास्ते के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।
- UNCLOS: ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के मानकों पर जोर दिया है, हालांकि ईरान ने इस पर हस्ताक्षर तो किए हैं लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया है।
- वर्तमान स्थिति: कुछ कमर्शियल जहाजों ने ओमान के समुद्री क्षेत्र से फिर से गुजरना शुरू कर दिया है।
