ओमान और जापान की बड़ी बैठक, हॉर्मूज जलडममध्य में तनाव खत्म करने के लिए राजनीतिक समाधान की मांग

ओमान और जापान ने मिलकर हॉर्मूज जलडममध्य क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करने और वहां जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए राजनीतिक रास्ते अपनाने की जोरदार मांग की है। Muscat Daily की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह सहमति 23 अगस्त 2026 को सामने आई, जो मस्कट में हुई उच्च स्तर की बैठकों का नतीजा थी। इस कूटनीतिक चर्चा के दौरान क्षेत्र में शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए मामलों को सुलझाने पर जोर दिया गया ताकि किसी भी तरह के बड़े खतरे से बचा जा सके।
मस्कट में हुई अहम बैठक और मंत्रियों की बातचीत
ओमान के विदेश मंत्री H.E. Sayyid Badr Al Busaidi और जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi ने 20 अगस्त 2026 को मस्कट में एक अहम बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने साफ कहा कि इस जलमार्ग की सुरक्षा केवल कूटनीति, संयम और आपसी बातचीत से ही संभव है। जापानी विदेश मंत्री ने ईरान के हालात को बेहद नाजुक बताया और कहा कि तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए खुली बातचीत बहुत जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह जलमार्ग सभी जहाजों के लिए हमेशा खुला रहना चाहिए। ओमान ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और किसी भी तरह के संघर्ष से दूर रहने की अपनी पुरानी नीति को फिर से दोहराया।
ईरान के साथ फोन पर हुई चर्चा और कूटनीतिक प्रयास
तनाव को कम करने के लिए ओमान के विदेश मंत्री अल बुसाइदी ने 22 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर लंबी बातचीत की। इस दौरान जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने और बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने पर चर्चा हुई। जापान के अखबार Yomiuri Shimbun के एक संपादकीय में भी मंत्री मोटेगी की सऊदी अरब और ओमान यात्रा का जिक्र किया गया, जिससे यह साफ होता है कि जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मध्य पूर्व के देशों पर कितना निर्भर है। इन तमाम मुलाकातों और वार्ताओं के बीच इराक को भी ईरान की तरफ से तेल टैंकरों को इस रास्ते से भेजने की अनुमति मिलने की खबरें सामने आई हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी विदेश मंत्रालय के बयानों में काफी तनाव देखने को मिला है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस इलाके को अमेरिकी क्षेत्र बताया, वहीं ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को युद्ध की घोषणा करार दिया है। इन तमाम क्षेत्रीय उथल-पुथल के बीच ओमान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Oman Foreign Ministry पर दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। आम लोगों और इस रास्ते से सफर करने वालों के लिए यह स्थिति काफी अहम है क्योंकि इस जलमार्ग पर सुरक्षा का सीधा असर वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति पर पड़ता है।