ओमान में नौकरी की कमी और लोगों के काम से निकाले जाने की समस्या बढ़ रही है। Muscat में हुए एक कार्यक्रम में General Federation of Oman Workers (GFOW) के चेयरमैन नभान अहमद अल बतश ने इस बात पर चिंता जताई कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो समाज में अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक तरक्की का सीधा फायदा आम कर्मचारियों के जीवन स्तर और उनकी नौकरी की सुरक्षा में दिखना चाहिए।
ओमान में नौकरी को लेकर क्या बड़ी समस्याएं सामने आई हैं?
चेयरमैन नभान अहमद अल बतश ने बताया कि मौजूदा समय में नौकरी जाने और नए मौकों की धीमी रफ्तार एक गंभीर मुद्दा बन गई है। कार्यक्रम के दौरान कुछ खास बातों पर जोर दिया गया:
- नौकरी की तलाश: कई लोग लंबे समय तक नौकरी ढूंढ रहे हैं लेकिन उन्हें काम नहीं मिल रहा है।
- कॉन्ट्रैक्ट खत्म होना: आर्थिक कारणों से कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जा रहे हैं।
- सीमित अवसर: कुछ सेक्टरों में नौकरियों का विस्तार बहुत धीमा है।
अल बतश ने इसे एक राष्ट्रीय सामाजिक मुद्दा बताया और लेबर मार्केट की नीतियों की समीक्षा करने की मांग की ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा मिल सके।
रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार और GFOW ने क्या तैयारी की है?
मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जनवरी 2026 में शाही निर्देशों के बाद एक बड़ा रोजगार कार्यक्रम शुरू किया गया है।
| नौकरी का क्षेत्र | लक्ष्य (संख्या) |
|---|---|
| सरकारी नागरिक और सैन्य क्षेत्र | 10,000 |
| सरकारी कंपनियां और प्राइवेट सेक्टर | 50,000 |
| कुल अवसर | 60,000 |
इसके अलावा GFOW ने Petroleum Development Oman और Oman Energy Association के साथ समझौते किए हैं ताकि मालिकों और यूनियनों के बीच बातचीत बेहतर हो सके। फेडरेशन ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक मीडिया कैंपेन भी शुरू किया है और ट्रेड यूनियन वर्क अवार्ड की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक साल 2025 के अंत तक ओमान में लेबर यूनियनों की संख्या लगभग 340 तक पहुंच गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान में 2026 के लिए कितने नए रोजगार के अवसर तय किए गए हैं?
शाही निर्देशों के तहत 2026 के लिए कुल 60,000 नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 10,000 सरकारी और 50,000 प्राइवेट व सरकारी कंपनियों में होंगी।
GFOW चेयरमैन ने सामाजिक स्थिरता को लेकर क्या चेतावनी दी है?
नभान अहमद अल बतश ने कहा कि नौकरी का जाना और नए अवसरों की कमी समाज की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए लेबर पॉलिसी में बदलाव जरूरी है।