ओमान और कजाकिस्तान ने हाथ मिलाया है और एक जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड बनाने के लिए शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह फैसला ओमान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर सैयद थेजिन बिन हैथम अल सईद की कजाकिस्तान यात्रा के दौरान लिया गया। इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

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इस फंड से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?

यह नया फंड दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें दोनों देश बराबर पूंजी लगाएंगे। इस फंड का मुख्य उद्देश्य नीचे दिए गए क्षेत्रों में निवेश करना और उन्हें विकसित करना है:

  • मैन्युफैक्चरिंग: सामान बनाने वाले उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • हेल्थकेयर: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निवेश।
  • रिन्यूएबल एनर्जी: अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करना।
  • लॉजिस्टिक्स: माल परिवहन और सप्लाई चेन को मजबूत करना।
  • माइनिंग: खनन क्षेत्र में नए मौके तलाशना।

अधिकारियों ने इस समझौते के बारे में क्या बताया?

ओमान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर सैयद थेजिन बिन हैथम अल सईद ने इस समझौते को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी ओमान विजन 2040 के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी। Oman Investment Authority (OIA) के अध्यक्ष अब्दुलसलाम बिन मोहम्मद अल मुर्शिदी ने जानकारी दी कि यह OIA की ग्यारहवीं ऐसी रणनीतिक साझेदारी है।

वहीं, कजाकिस्तान के Samruk-Kazyna फंड के चेयरमैन नुरलान झाकुपोव ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों की कंपनियों और बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश के नए अवसर मिलेंगे।

निवेश और समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो लगभग 3 बिलियन डॉलर
पूंजी योगदान दोनों देशों द्वारा समान हिस्सा
प्रमुख क्षेत्र एनर्जी, माइनिंग, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, एजुकेशन
समझौते की तारीख अप्रैल 2026
ओमान का लक्ष्य ओमान विजन 2040
OIA साझेदारी क्रम 11वां रणनीतिक पार्टनर
मुख्य संस्थाएं OIA और Samruk-Kazyna