ओमान और कुवैत के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ी बैठक हुई है. ओमान के जबल अखदर में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की और कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा की. इस बैठक का मुख्य मकसद व्यापार, संस्कृति और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना था ताकि दोनों देशों को फायदा हो सके.

बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ और क्या हुई चर्चा?

यह 11वीं संयुक्त समिति की बैठक थी जिसकी अध्यक्षता ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi और कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने की. इस मीटिंग में दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

  • ओमान की तरफ से: शेख अहमद बिन हाशिल अल-मस्कारी और डॉ. सालेह बिन आमिर अल-खारूसी शामिल हुए.
  • कुवैत की तरफ से: सहायक विदेश मंत्री हमद राशिद अल-मरी और ओमान में कुवैत के राजदूत डॉ. मोहम्मद बिन नासिर अल-हाजरी मौजूद थे.

किन अहम मुद्दों पर हुआ फैसला?

बैठक के दौरान आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. ओमान के विदेश मंत्री ने बताया कि यह कदम दोनों देशों के बड़े नेताओं के निर्देशों को पूरा करने के लिए उठाया गया है. कुवैत के विदेश मंत्री ने यह बात साझा की कि साल 2026 में ओमान और कुवैत के राजनयिक संबंधों को 55 साल पूरे हो गए हैं. दोनों नेताओं ने माना कि उनके रिश्ते आपसी सम्मान और भरोसे पर टिके हैं जो GCC देशों के लिए एक मिसाल हैं.

क्या कोई समझौता भी हुआ?

बैठक के खत्म होने पर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने 11वीं बैठक के नतीजों (मिनट्स) पर साइन किए. इसके साथ ही, दोनों सरकारों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए ताकि आने वाले समय में दोनों देश मिलकर और बेहतर तरीके से काम कर सकें.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान और कुवैत की यह बैठक कहाँ और कब हुई?

यह 11वीं संयुक्त समिति की बैठक 8 जून 2026 को ओमान के अल दखिलिया गवर्नरशिप के जबल अखदर में आयोजित की गई थी.

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

बैठक का मुख्य उद्देश्य आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना और आपसी अनुभवों को साझा करना था.