ओमान के Ministry of Labour ने उन शर्तों के बारे में बताया है जिनके तहत कंपनियां अपने कर्मचारियों के ट्रैवल टिकट डिपॉजिट का पैसा वापस पा सकती हैं। यह नियम खास तौर पर उन मामलों के लिए है जहां काम छोड़कर भागने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सरकार ने इसे इसलिए किया है ताकि रिफंड की प्रक्रिया आसान हो सके और सब कुछ पारदर्शी रहे।

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टिकट डिपॉजिट वापस पाने के लिए क्या शर्तें हैं?

  • रिपोर्ट रद्द होना: अगर कंपनी काम छोड़कर भागने वाली रिपोर्ट को रद्द करवा लेती है और वह सिस्टम में मंजूर हो जाता है, तो पैसा वापस मिल जाएगा, बशर्ते टिकट का इस्तेमाल न हुआ हो।
  • कर्मचारी का देश छोड़ना: अगर कर्मचारी अपने खर्चे पर देश छोड़ देता है और उसका वर्क परमिट लाइसेंसिंग सिस्टम में कैंसिल हो जाता है, तो कंपनी रिफंड ले सकती है।
  • समय सीमा: अगर रिपोर्ट मंजूर होने के 4 साल बाद भी टिकट का पैसा इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो उसे वापस लिया जा सकता है। हालांकि यह अवधि मंजूरी की तारीख से 9 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • शिकायत मंजूर होना: यदि कर्मचारी ने कोई शिकायत दर्ज की थी और वह मंजूर हो गई, तो भी डिपॉजिट वापस मिल सकेगा।

Ministry of Labour ने यह बदलाव क्यों किए?

Ministry of Labour का कहना है कि इन नियमों का मकसद सरकारी प्रक्रियाओं को और सरल बनाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि फाइनेंशियल गारंटी का सही इस्तेमाल हो और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। यह कदम ओमान में काम करने वाले प्रवासियों और उनके नियोक्ताओं के बीच पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में विवाद कम हों।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.