लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान ने शांति बहाली के लिए बड़ी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। ओमान विदेश मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र में नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने और किसी भी तरह के बड़े टकराव को टालने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। ओमान सरकार लगातार सऊदी अरब, यमन के विभिन्न गुटों और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि राजनीतिक बातचीत का रास्ता फिर से खुल सके।
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उच्च स्तरीय बैठक और ईरान की घेराबंदी
मलयेशिया के मनीला में चल रहे ASEAN Regional Forum के दौरान ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi ने कई देशों के मंत्रियों से मुलाकात की। ओमान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व पर चर्चा की। वहीं, मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty के साथ बैठक में ओमान ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों पर ईरान द्वारा किए गए लगातार हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों को ‘संप्रभुता का उल्लंघन’ और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ‘गंभीर खतरा’ बताया गया है।
तनाव के बीच बढ़ रही सैन्य हलचल
क्षेत्र में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ देने वाली नीति अपनाई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर होने वाले हर हमले के बदले में ईरान का एक पुल या पावर प्लांट नष्ट किया जाएगा। यमन के Houthi विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान की सैन्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 14 जुलाई 2026 को संकल्प संख्या 2826 (2026) पारित कर लाल सागर में हौथी हमलों की निगरानी रिपोर्ट को 15 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है।
