ओमान में राजनीति और शासन के तरीके में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सुल्तान हैथम बिन तारिक ने एक शाही फरमान जारी किया है, जिसके तहत 2027 से Majlis A’Shura में महिलाओं का होना अनिवार्य होगा। इस फैसले से देश के कामकाज और सलाहकारों की सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

यह ऐलान 15 जून 2026 को मंत्रियों की एक बैठक में किया गया, जिसकी अध्यक्षता खुद सुल्तान हैथम बिन तारिक ने की थी। नए नियमों के मुताबिक ओमान के सभी 11 गवर्नरट्स (Governorates) में महिलाओं के लिए एक-एक सीट आरक्षित की जाएगी। इस तरह Majlis A’Shura में कुल 11 सीटें महिलाओं के लिए पक्की होंगी।

चुनाव के नए नियम और शर्तें

महिलाओं के लिए यह व्यवस्था काफी लचीली रखी गई है। वे पहले की तरह सामान्य सीटों पर भी चुनाव लड़ सकती हैं और अन्य उम्मीदवारों के साथ मुकाबला कर सकती हैं। अगर कोई महिला उम्मीदवार सामान्य सीट जीत जाती है, तब भी उस गवर्नरट की आरक्षित सीट किसी दूसरी महिला उम्मीदवार के लिए उपलब्ध रहेगी।

गवर्नरट की आरक्षित सीट का फैसला वोटिंग के प्रतिशत के आधार पर होगा। जिस महिला उम्मीदवार को अपने इलाके में कुल वोटर्स के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रतिशत वोट मिले होंगे, उसे ही आरक्षित सीट दी जाएगी।

अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय

इंटीरियर मिनिस्टर Sayyid Hamoud bin Faisal Al Busaidi ने कहा कि यह शाही फरमान महिलाओं की स्थायी भागीदारी सुनिश्चित करने और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए लिया गया है। विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने इस कदम की तारीफ करते हुए इसे ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से प्रतिनिधित्व का एक उन्नत स्तर बताया है।

स्टेट काउंसिल की सदस्य Dr. Aisha Al Ghabshi और अन्य महिला नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे देश के विकास में महिलाओं की विशेषज्ञता और प्रतिभा का सही इस्तेमाल हो पाएगा।

बता दें कि अक्टूबर 2023 में हुए पिछले चुनावों में एक भी महिला उम्मीदवार सीट जीतने में कामयाब नहीं हुई थी। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने अब यह अनिवार्य कदम उठाया है, जिससे 2027 से महिलाओं की राजनीतिक मौजूदगी पक्की हो जाएगी।