ओमान में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। देश में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतों को लेकर मजलिस अल शूरा (Majlis A’Shura) ने कड़ा रुख अपनाया है। 9 जून 2026 को हुए एक अहम सत्र में शूरा काउंसिल ने सरकार से बाजार पर सख्त निगरानी रखने और महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। इस कदम का सीधा असर ओमान में रहने वाले आम नागरिकों और वहां काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की जेब पर पड़ेगा।

महंगाई रोकने के लिए शूरा काउंसिल ने क्या सुझाव दिए हैं?

मजलिस अल शूरा के चेयरमैन खालिद बिन हिलाल अल मावली की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। काउंसिल ने सरकार से मांग की है कि वह बाजार में बिना किसी ठोस कारण के सामानों के दाम बढ़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे। इसके साथ ही जमाखोरी और एकाधिकार जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है। काउंसिल ने सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात के स्रोतों में विविधता लाई जाए और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए ताकि देश में जरूरी सामानों का स्टॉक हमेशा बना रहे।

किन चीजों के बढ़े हैं दाम और आम लोगों पर क्या होगा असर?

बैठक के दौरान सोहार के प्रतिनिधि अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल बलूशी ने एक जरूरी रिपोर्ट पेश की। नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन (NCSI) के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि ओमान में सब्जियों, फलों, मीट, मछली और ट्रांसपोर्ट सेवाओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। मजलिस अल शूरा ने कहा है कि साल 2026 के राज्य बजट में भी महंगाई के इस असर को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आम जनता की खरीदारी की क्षमता प्रभावित न हो। बाजार में कड़े नियमों के लागू होने से आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान में मजलिस अल शूरा ने महंगाई को लेकर क्या मांग की है?

मजलिस अल शूरा ने सरकार से जरूरी सामानों की कीमतों पर नियंत्रण रखने, बाजारों की कड़ी निगरानी करने और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की है।

ओमान में हाल ही में किन जरूरी चीजों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार ओमान में सब्जियों, फलों, मीट, मछली और ट्रांसपोर्ट सेवाओं जैसी बुनियादी चीजों के दामों में बढ़ोतरी देखी गई है।