ओमान सरकार ने परिवार की सेहत और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब यहां शादी करने वाले जोड़ों के लिए प्री-मैरिटल मेडिकल चेकअप अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम सुल्तान हैथम बिन तारिक के रॉयल डिक्री के बाद लागू हुआ है ताकि भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सके।

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नया नियम और जरूरी शर्तें

रॉयल डिक्री नंबर 111/2025 को 31 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया। अब सभी ओमानियों के लिए शादी से पहले मेडिकल टेस्ट कराना अनिवार्य है। यह नियम तब भी लागू होगा जब शादी करने वाला दूसरा पार्टनर गैर-ओमानी हो या शादी किसी अन्य स्थान पर हो रही हो।

  • सर्टिफिकेट की वैधता: मेडिकल जांच के बाद मिलने वाला सर्टिफिकेट केवल 3 महीने तक वैध रहेगा।
  • शादी का कॉन्ट्रैक्ट: मैरिज ऑफिसर अब बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के शादी का अनुबंध साइन नहीं करेंगे।
  • जांच की प्रक्रिया: जोड़ों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पब्लिक या प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपना मेडिकल इतिहास बताना होगा और ब्लड टेस्ट कराना होगा।

किन बीमारियों की होगी जांच

इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आनुवंशिक और संक्रामक रोगों की पहचान करना है। टेस्ट के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बीमारियों की जांच की जाएगी:

  • खून की बीमारियां: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसे वंशानुगत विकार।
  • संक्रामक रोग: हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी/एड्स और सिफलिस।

जांच के बाद डॉक्टर जोड़ों को स्वास्थ्य काउंसलिंग देंगे और नतीजों के बारे में विस्तार से समझाएंगे। सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी सीधे सुप्रीम जुडिशियल काउंसिल के नोटरी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर भेजी जाएगी जिससे शादी के कॉन्ट्रैक्ट का सत्यापन आसान हो सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी H.E. Dr. Saeed bin Hareb al Lamki ने बताया कि यह डिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक नियामक ढांचा प्रदान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल जांच अनिवार्य है, लेकिन अगर कोई वंशानुगत स्थिति मिलती है, तो यह शादी पर रोक नहीं लगाएगी बल्कि जोड़ों को जागरूक निर्णय लेने में मदद करेगी।

सेंट्रल पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी की कंसल्टेंट Dr. Intisar bint Nasser Al Shukri ने जानकारी दी कि ओमान में सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी बीमारियां काफी फैली हुई हैं। अगर दोनों पार्टनर इन बीमारियों के कैरियर हैं, तो बच्चे के प्रभावित होने का 25% जोखिम रहता है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों के इलाज पर सालाना लगभग 55 मिलियन ओमान रियाल खर्च होते हैं।

इबरा अस्पताल के सीनियर हेमेटोलॉजिस्ट Dr. Musleh bin Mohammed Al-Muslehi ने जोर दिया कि यह जांच पति-पत्नी के बीच और माँ से बच्चे में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.