ओमान सरकार ने शादी-ब्याह से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब देश के नागरिकों के लिए शादी से पहले मेडिकल जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया नियम 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है ताकि आने वाली पीढ़ियों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके और परिवारों में स्थिरता बनी रहे।

शादी से पहले टेस्ट क्यों ज़रूरी है और नियम न मानने पर क्या होगा

सुल्तान Haitham bin Tarik ने Royal Decree No. 111/2025 जारी किया है, जिसके बाद से यह नियम लागू हुआ है। अब विवाह अधिकारी बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के शादी का कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकेंगे। इस नियम को गंभीरता से लेने के लिए सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं:

  • नियम तोड़ने वालों को 10 दिन से लेकर 6 महीने तक की जेल हो सकती है।
  • जुर्माने की राशि 100 से 1,000 ओमानी रियाल तक हो सकती है।
  • मेडिकल जांच के बाद मिलने वाला सर्टिफिकेट केवल तीन महीने तक वैध रहेगा।

किन बीमारियों की होगी जांच और किन लोगों पर लागू होगा यह नियम

हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया है कि इस जांच का मुख्य मकसद वंशानुगत और संक्रामक बीमारियों को रोकना है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित टेस्ट किए जाएंगे:

  • खून की बीमारियां: Sickle Cell Anemia और Thalassemia जैसे ब्लड डिसऑर्डर की जांच होगी।
  • संक्रामक रोग: HIV/AIDS, सिफलिस और वायरल हेपेटाइटिस की स्क्रीनिंग की जाएगी।

यह नियम सभी ओमान नागरिकों के लिए ज़रूरी है। अगर कोई ओमानी नागरिक किसी गैर-ओमानी से शादी करता है या शादी ओमान के बाहर हो रही है, तब भी यह मेडिकल टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।

क्या टेस्ट पॉजिटिव आने पर शादी नहीं हो पाएगी

हेल्थ मिनिस्ट्री के अंडरसेक्रेटरी Dr. Saeed bin Hareb al Lamki ने स्पष्ट किया है कि यह टेस्ट शादी रोकने के लिए नहीं है। अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट में कोई बीमारी आती है, तो भी वह शादी कर सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य केवल जोड़ों को जागरूक करना है ताकि वे अपनी सेहत की जानकारी रखकर सही फैसला ले सकें। साथ ही, मरीज की मेडिकल रिपोर्ट को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और इसे किसी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.