ओमान सरकार ने विदेशी कामगारों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है. 19 जुलाई 2027 से ओमान में प्रवासियों के लिए एक नया और अनिवार्य सेविंग्स सिस्टम लागू होने जा रहा है. यह नई व्यवस्था पुरानी एंड-ऑफ-सर्विस ग्रेच्युटी की जगह लेगी. इस स्कीम के तहत कंपनियों को अपने विदेशी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 9% हिस्सा इस नए फंड में जमा करना होगा. सोशल प्रोटेक्शन फंड ने 10 मार्च 2026 को इसकी आधिकारिक जानकारी दी है जिसका सीधा असर वहां काम करने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ेगा.

नया सेविंग्स सिस्टम क्या है और कैसे काम करेगा

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने शाही फरमान जारी कर इस सिस्टम को 2026 की जगह 2027 में लागू करने का आदेश दिया है ताकि सभी कंपनियां इसके लिए पूरी तरह तैयार हो सकें. इस नए सिस्टम को सोशल प्रोटेक्शन फंड (SPF) द्वारा मैनेज किया जाएगा.

  • कंपनियों को अपने विदेशी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 9% अनिवार्य रूप से इस फंड में जमा करना होगा.
  • यह नया नियम पूरी तरह से पुरानी ग्रेच्युटी व्यवस्था को खत्म कर देगा.
  • जुलाई 2026 से विदेशी कामगारों के लिए सिक लीव और अनयूजुअल लीव इंश्योरेंस (1% योगदान) भी लागू किया जाएगा.
  • जुलाई 2028 से वर्क इंजरी (काम के दौरान चोट) और व्यावसायिक बीमारियों के लिए इंश्योरेंस व्यवस्था शुरू होगी.

पुरानी ग्रेच्युटी और नौकरी छोड़ने पर पैसे कैसे मिलेंगे

जुलाई 2027 से पहले जो लोग ओमान में काम कर रहे हैं, उनके पुराने सेवा काल का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. कंपनियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे या तो पुराने लेबर कानून के हिसाब से सीधे कर्मचारी को ग्रेच्युटी का भुगतान करें या फिर उस पैसे को नए सेविंग्स सिस्टम में ट्रांसफर कर दें.

जब कोई प्रवासी कर्मचारी ओमान में अपनी नौकरी खत्म करके वापस अपने देश लौटेगा, तो उसे इस फंड का पूरा पैसा मिलेगा. इस फंड में कंपनी द्वारा जमा किया गया कुल पैसा और उस पर मिलने वाला निवेश का फायदा (रिटर्न) शामिल होगा. कर्मचारी अपनी सहूलियत के हिसाब से इसे एकमुश्त या किश्तों में ले सकेंगे. ओमान सरकार का मानना है कि इससे विदेशी कामगारों का भविष्य आर्थिक रूप से ज्यादा सुरक्षित होगा.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.