Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए Oman ने एक अस्थायी गलियारा (corridor) शुरू किया है. Bahrain के विदेश मंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया है. यह कदम इलाके में तनाव कम करने और समुद्र में फंसे हुए हजारों नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उठाया गया है.
Bahrain ने किया फैसले का समर्थन
Bahrain के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने 25 जून 2026 को Oman द्वारा बनाए गए इस अस्थाई गलियारे का स्वागत किया. यह घोषणा तब हुई जब Al Zayani एक GCC मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे और उस दौरान US Secretary of State Marco Rubio भी वहां मौजूद थे.
कैसे शुरू हुआ यह मामला
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद सामने आया है. 14 जून 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच ‘Islamabad Understanding’ हुआ था. इसके बाद 17 जून को एक शांति समझौते पर साइन हुए, जिसमें विवादों को सुलझाने और नाकाबंदी हटाने की बात कही गई थी. इसी के बाद 23 जून को Oman और ईरान ने मिलकर सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने का वादा किया.
नए कॉरिडोर के कड़े नियम और शर्तें
Oman और IMO ने मिलकर इस रास्ते को चलाने के लिए कुछ नियम बनाए हैं ताकि कोई दुर्घटना न हो:
- कोई शुल्क नहीं: अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, इस गलियारे से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल या ट्रांजिट फीस नहीं ली जाएगी.
- पूर्व सूचना जरूरी: जहाजों को इस रास्ते का इस्तेमाल करने से पहले IMO और Oman के अधिकारियों को जानकारी देनी होगी.
- दो नए रूट: पुराने रास्ते (TSS) में बारूदी सुरंगें (mines) होने की वजह से उसे असुरक्षित माना गया है. अब उसके उत्तर और दक्षिण में दो नए रास्ते बनाए गए हैं.
- AIS सिस्टम: सभी जहाजों के लिए अपना Automatic Identification System (AIS) चालू रखना अनिवार्य है.
- टक्कर का खतरा: रास्ता छोटा होने के कारण जहाजों के आपस में टकराने का खतरा ज्यादा है, इसलिए लगातार निगरानी रखने की सलाह दी गई है.
11,000 से ज्यादा नाविकों की होगी घर वापसी
इस कॉरिडोर का सबसे पहला और बड़ा मकसद उन 11,000 से ज्यादा नाविकों को बाहर निकालना है जो इस इलाके में फंसे हुए थे. IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने बताया कि निकासी का काम धीरे-धीरे और कंट्रोल के साथ शुरू कर दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि इस संघर्ष के दौरान 14 नाविकों की मौत हो चुकी है.
Oman और ईरान का साझा बयान
Oman ने साफ किया है कि यह पहल वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दिखाती है. वहीं Oman और ईरान ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए जहाजों को सुरक्षित रास्ता देंगे, लेकिन अपने समुद्री क्षेत्र की संप्रभुता का भी पूरा ध्यान रखेंगे.
