ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण (Environment Authority) ने मसीराह आइलैंड (Masirah Island) पर समुद्री कछुओं के घोंसलों और उनके रहने की जगहों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा संरक्षण प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट को साल 2027 में जमीन पर उतारा जाएगा, जिसके लिए जरूरी डिजाइन और साइट स्टडी का काम अभी चल रहा है। इस आइलैंड पर हर साल हजारों की संख्या में कछुए अंडे देने आते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए सरकार अब कड़े कदम उठाने जा रही है।

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मसीराह आइलैंड पर सुरक्षा के लिए क्या बदलाव किए जाएंगे?

पर्यावरण प्राधिकरण की मरीन एनवायरमेंट स्पेशलिस्ट इंजीनियर आइदा बिंत खलफ अल जब्रिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत संवेदनशील तटीय इलाकों में गाड़ियों और पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए 2 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक बैरियर (बाधाएं) बनाए जाएंगे। इसके लिए कुछ खास कदम तय किए गए हैं:

  • अल बयाध बीच: इस समुद्र तट को सुरक्षा कार्यों के लिए मुख्य स्थान चुना गया है, जहां बैरियर लगाए जाएंगे।
  • अल ऐजाह क्षेत्र: यहाँ दूसरा बैरियर बनाया जाएगा ताकि कछुए रेंगते हुए मुख्य सड़क की तरफ न आ सकें और हादसों से बचे रहें।
  • खतरों से सुरक्षा: इसके साथ ही नुकसानदेह मछली पकड़ने के तरीकों को रोकने, समुद्र तट की सफाई बनाए रखने और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, समुद्र तटों पर बढ़ते शोर और लाइट पॉल्यूशन के कारण कछुए अब उत्तरी तटीय इलाकों को छोड़कर दक्षिणी समुद्र तटों की तरफ जाने लगे हैं। इसी वजह से उनकी सुरक्षा के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े और तथ्य

मसीराह आइलैंड को दुनिया भर में लॉगरहेड कछुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोंसला बनाने वाले स्थलों में से एक माना जाता है। इस आइलैंड पर कछुओं के संरक्षण से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • मसीराह आइलैंड पर हर साल करीब 30,000 लॉगरहेड कछुए अंडे देने के लिए आते हैं।
  • यहाँ कछुओं की चार प्रमुख प्रजातियां आती हैं, जिनमें लॉगरहेड, ग्रीन, हॉक्सबिल और ओलिव रिडले शामिल हैं।
  • इस साल के पहले सीजन के दौरान हॉक्सबिल और ओलिव रिडले प्रजाति के 77 कछुओं को ट्रैक करने के लिए टैग किया गया है।
  • लॉगरहेड कछुओं का सीजन मई से सितंबर तक चलता है और जून से अगस्त के बीच यह अपने चरम पर होता है।

पर्यावरण प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार डेटा इकट्ठा कर रहे हैं और सालाना फील्ड सर्वे के जरिए वैज्ञानिक आंकड़े जुटा रहे हैं ताकि कछुओं की आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मसीराह आइलैंड पर सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं?

पर्यावरण प्राधिकरण संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए 2 किलोमीटर के प्राकृतिक बैरियर का निर्माण कर रहा है।

यह नया कछुआ संरक्षण प्रोजेक्ट कब से शुरू होगा?

इस प्रोजेक्ट को साल 2027 में पूरी तरह से लागू किया जाएगा, जिसके लिए अभी डिजाइनिंग और साइट स्टडी का काम किया जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.