ओमान के श्रम मंत्रालय ने प्रवासियों के वर्क परमिट के लिए एक नया फीस स्ट्रक्चर आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। यह फैसला ओमानाइजेशन यानी स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लक्ष्य को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। इस नए नियम के तहत जो कंपनियां ओमान के नागरिकों को नौकरी देने का टारगेट पूरा करेंगी, उन्हें फीस में छूट मिलेगी, लेकिन जो ऐसा नहीं करेंगी उन्हें दोगुनी फीस चुकानी होगी। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों और कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

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कंपनियों के लिए क्या है नया नियम और छूट?

सरकार ने साफ कर दिया है कि जो कंपनियां अपने ओमानाइजेशन टारगेट को पूरा करती हैं या उससे ज्यादा स्थानीय लोगों को नौकरी देती हैं, उन्हें प्रवासी वर्क परमिट और प्रैक्टिस लाइसेंस फीस में 30% की छूट दी जाएगी। यह उन व्यवसायों के लिए एक बड़ा फायदा है जो स्थानीय नियमों का पालन कर रहे हैं।

दूसरी ओर, जो कंपनियां अपने कोटे के मुताबिक स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं देती हैं, उनके लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। ऐसी कंपनियों को अब स्टैंडर्ड वर्क परमिट फीस से दोगुनी फीस चुकानी होगी। सरकार का मकसद साफ है कि प्राइवेट सेक्टर में ओमान के लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाए।

जानिए अलग-अलग काम के लिए कितनी लगेगी फीस

मंत्रालय ने अलग-अलग प्रोफेशन के हिसाब से फीस तय की है। इसमें फर्स्ट क्लास से लेकर थर्ड क्लास प्रोफेशन और घरेलू कामगारों के लिए अलग रेट रखे गए हैं। नीचे दी गई टेबल में आप फीस की जानकारी देख सकते हैं:

प्रोफेशन कैटेगरी फीस (ओमानी रियाल में)
फर्स्ट क्लास प्रोफेशन 301 RO
सेकंड क्लास प्रोफेशन 251 RO
थर्ड क्लास प्रोफेशन 201 RO
घरेलू कामगार (3 वर्कर तक) 101 RO
खेती-किसानी (3 वर्कर तक) 141 RO

लाइसेंस रिन्यूअल और जुर्माने पर क्या है अपडेट?

वर्क परमिट के रिन्यूअल में देरी करने पर अब जुर्माना देना होगा। हर महीने देरी के लिए 10 ओमानी रियाल का जुर्माना लगेगा, जो अधिकतम 500 रियाल तक जा सकता है। इसके अलावा, गैर-ओमानी कामगारों के लिए वर्क प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता अब 15 महीने से बढ़ाकर 24 महीने कर दी गई है।

मंत्रालय ने यह भी सुविधा दी है कि एम्प्लॉयर अब पुराने लाइसेंस पर ही फीस का अंतर देकर वर्कर की कैटेगरी अपग्रेड कर सकते हैं, इसके लिए बार-बार नया परमिट लेने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, कुछ खास मामलों में जैसे वर्कर की मृत्यु या वीजा कैंसिलेशन पर फीस से छूट भी दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com