Oman ने हाल ही में हुई GCC की एक खास बैठक में हिस्सा नहीं लिया है। यह खबर तब आई जब ओमान और ईरान के बीच Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अहम बातचीत हुई थी। इस स्थिति को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है और विशेषज्ञ इसे न युद्ध और न शांति की हालत बता रहे हैं, जो कभी भी तनाव में बदल सकती है।
ओमान और ईरान के बीच क्या बातचीत हुई?
26-27 अप्रैल 2026 को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने ओमान का दौरा किया। इस मुलाकात में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आने-जाने पर चर्चा हुई। ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने इन वार्ताओं को अच्छा बताया और कहा कि कूटनीति से ही समाधान निकाला जा सकता है। ईरान ने यह प्रस्ताव रखा है कि अगर अमेरिका उसकी नाकाबंदी हटा ले, तो वह इस जलमार्ग को खोल देगा, लेकिन वह यहाँ से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की व्यवस्था चाहता है।
GCC देशों ने टोल प्रस्ताव पर क्या फैसला लिया?
28 अप्रैल 2026 को जेद्दा में GCC देशों की एक बड़ी बैठक हुई। इस मीटिंग में खाड़ी देशों ने ईरान के टोल लगाने के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे अवैध बताया। GCC नेताओं ने साफ किया कि इस जलमार्ग से जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के होना चाहिए। हालांकि ओमान पहले कई GCC बैठकों में शामिल रहा है, लेकिन इस खास बैठक में उसका शामिल न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। ओमान फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि तनाव कम हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से टोल वसूलेगा?
ईरान ने टोल वसूलने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन 28 अप्रैल 2026 को GCC देशों ने इसे अवैध बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।
ओमान की इस पूरे विवाद में क्या भूमिका है?
ओमान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है ताकि बातचीत के जरिए जलमार्ग को फिर से खोला जा सके और क्षेत्र में शांति बनी रहे।