12 जुलाई 2026 को ओमान के मुसन्दम गवर्नरेट को ड्रोन हमलों ने निशाना बनाया, जिसके बाद सुल्तानत ऑफ ओमान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ओमान सरकार ने कहा है कि वह देश और अपने निवासियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है क्योंकि पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ओमान के साथ-साथ कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में भी मिसाइलों और ड्रोन्स के देखे जाने की सूचना मिली है, जिसके चलते कई जगहों पर सायरन बजने और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दूसरे जहाज पर हमला करने और इस समुद्री रास्ते को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान कर दिया है। IRGC ने कतर में अमेरिकी बेस, ओमान के दुक्म बंदरगाह पर अमेरिकी नौसैनिक सुविधाओं और जॉर्डन में कमांड सेंटर पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, UKMTO ने ओमान के तट से 9 नॉटिकल मील दूर एक कंटेनर जहाज में आग लगने की सूचना दी, जिसके क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना की CENTCOM ने इस स्थिति के जवाब में ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की है, जिसमें मिसाइल साइट्स, ड्रोन अड्डों और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी 2026 से जारी युद्धविराम के खत्म होने की घोषणा कर दी है, हालांकि उन्होंने बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले रखे हैं। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
