ओमान की नेशनल ट्रांसपोर्ट कंपनी Mwasalat ने बस सफर को आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब मस्कट और सलालाह की सिटी बसों में कैश पेमेंट की सुविधा बंद होने जा रही है। इस नए नियम के बाद यात्रियों और ड्राइवरों के लिए डिजिटल पेमेंट करना जरूरी होगा ताकि सफर में समय की बचत हो सके।

सिटी बसों में कैश पेमेंट बंद

Mwasalat ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त 2026 से मस्कट और सलालाह की सिटी बस सेवाओं में कैश नहीं लिया जाएगा। यात्रियों को टिकट के लिए केवल अप्रूव्ड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट तरीकों का ही इस्तेमाल करना होगा। इसका मकसद यात्रा के अनुभव को तेज़ और आसान बनाना है।

कार्ड पेमेंट की सुविधा शुरू

कंपनी ने 18 से 20 फरवरी 2026 के बीच अपनी सभी बसों में कार्ड पेमेंट का विकल्प शुरू कर दिया है। इससे अब यात्रियों को छुट्टे पैसों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और बस में चढ़ने की प्रक्रिया भी तेज़ हो जाएगी। ड्राइवरों को भी कैश संभालने और खुले पैसे वापस करने की समस्या से राहत मिलेगी।

Sayir eWallet और पेमेंट के तरीके

सफर के भुगतान के लिए कंपनी ‘Sayir’ eWallet सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है। यात्री Mwasalat मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल या कंपनी के पॉइंट ऑफ सेल पर जाकर अपने वॉलेट में पैसे डाल सकते हैं। सिटी बस के टिकट के लिए इसी वॉलेट में जमा पैसों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सेंट्रल बैंक ऑफ ओमान का सहयोग

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ ओमान (CBO) ने भी कदम उठाए हैं। 1 जुलाई 2026 से रिटेल ग्राहकों और छोटे व्यवसायों (SMEs) के लिए लोकल डिजिटल फंड ट्रांसफर को पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। साथ ही QR कोड पेमेंट की फीस में भी कमी की गई है।

पुरानी पहल और स्मार्ट सिस्टम

डिजिटल पेमेंट की यह शुरुआत काफी समय पहले हो चुकी थी। 1 जनवरी 2018 से कार्गो और लंबी दूरी की यात्रा के लिए कैश पेमेंट बंद कर दिया गया था। इसके अलावा, NEC कॉर्पोरेशन ने करीब 200 बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (ITS) लगाया था, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए बिना छुए पेमेंट करने की सुविधा शामिल है।

यात्रियों और ड्राइवरों को होने वाले फायदे

  • यात्रियों को अब हर बार कैश रखने या छुट्टे पैसों की चिंता नहीं करनी होगी।
  • बस में चढ़ने और उतरने का समय कम होगा जिससे सफर सुगम होगा।
  • ड्राइवरों को कैश मैनेजमेंट के झंझट से मुक्ति मिलेगी और ऑपरेशन बेहतर होंगे।
  • पेमेंट के लिए टोकनाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे डेटा सुरक्षित रहता है।