ओमान अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश का पहला नेशनल कम्युनिकेशंस सैटेलाइट OmanSat-1 अब अपने फाइनल डिजाइन स्टेज में पहुंच गया है। यह प्रोजेक्ट ओमान की संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने और तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस सैटेलाइट को बनाने के लिए ओमान के ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MoTCIT) और Airbus Defence and Space के बीच समझौता हुआ था। प्रोजेक्ट की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई और अब यह डिजाइन के आखिरी चरण में है। उम्मीद है कि 30 जून 2028 तक सैटेलाइट की डिलीवरी हो जाएगी और उसी साल की तीसरी तिमाही में अमेरिका से इसे लॉन्च किया जाएगा।
OmanSat-1 की कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
- तकनीक: यह एक सॉफ्टवेयर-डिफ़ाइंड Ka-band सैटेलाइट होगा, जिसे Airbus के OneSat प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है।
- क्षमता: इसकी क्षमता 120 से 130 Gbps से ज्यादा होगी, जिससे इंटरनेट और डेटा की रफ्तार काफी बढ़ जाएगी।
- कवरेज: इसका कवरेज पूरे ओमान और उसके समुद्री क्षेत्रों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट, ईस्ट अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों तक होगा।
- ऑपरेटर: इसका संचालन Space Communications Technologies (SCT) करेगा, जो ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (OIA) की कंपनी है।
मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल डॉ. सऊद हुमैद सलीम अल शोइली ने बताया कि यह प्रोजेक्ट ओमान की नेशनल स्पेस स्ट्रेटजी (2023–2033) का हिस्सा है। अंडरसेक्रेटरी डॉ. अली बिन अमेर अल शिधनी ने कहा कि अब ओमान को दूसरे देशों के सैटेलाइट ऑपरेटर्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे डेटा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता बढ़ेगी।
मंत्री सैद बिन हमूद अल मावली ने साफ किया कि इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट पहुंचाना, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और जरूरी सेवाओं को बिना किसी रुकावट के चालू रखना है। यह पहल ओमान विजन 2040 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
इस प्रोजेक्ट के जरिए ओमान अपने युवाओं को भी तैयार कर रहा है। Airbus द्वारा 10 ओमानी इंजीनियरों को 30 महीने की खास ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें सैटेलाइट डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और लॉन्च की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
सैटेलाइट के पूरी तरह चालू होने और कमर्शियल सेवाएं शुरू होने का काम मई 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।
