سلطنت آف اومان (Sultanate of Oman) में नया साइबर क्राइम कानून लागू हो गया है। सुल्तान हैथम बिन तारिक द्वारा जारी किए गए शाही फरमान के बाद इस कानून को आधिकारिक तौर पर अमल में लाया गया है। इस नए नियम के तहत इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म, ईश्वर, कुरान या पैगंबर के खिलाफ कुछ भी गलत लिखने या उनका अपमान करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ओमान में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों दोनों के लिए इस कानून को समझना बेहद जरूरी है क्योंकि इसमें लंबी जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

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ओमान में नए कानून के तहत क्या है सजा का प्रावधान?

नए कानून की धारा 44 के तहत धार्मिक मूल्यों के खिलाफ किए जाने वाले अपराधों के लिए बेहद सख्त सजा तय की गई है। अगर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या इंटरनेट के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है:

  • सजा की अवधि: दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
  • जुर्माने की राशि: इसके साथ ही कम से कम 5,000 ओमاني रियाल (OMR) से लेकर अधिकतम 10,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • यह नया कानून पुराने साइबर क्राइम कानून (शाही फरमान संख्या 12/2011) की जगह लेता है और इसे अधिक सख्त बनाता है।

इन हरकतों को माना जाएगा गंभीर अपराध, भूलकर भी न करें ये गलतियां

ओमान सरकार ने नए कानून में स्पष्ट किया है कि इंटरनेट का इस्तेमाल धार्मिक उकसावे या नफरत फैलाने के लिए नहीं किया जा सकता। कानून के तहत इन गतिविधियों को पूरी तरह से अपराध की श्रेणी में रखा गया है:

  • ईश्वर का अपमान करना या उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना।
  • पवित्र कुरान का अपमान करना या उसमें किसी भी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ करना।
  • इस्लाम धर्म, उसकी प्रथाओं या किसी भी अन्य धर्म का अपमान करना।
  • किसी भी पैगंबर का अपमान करना या उनके खिलाफ कुछ भी गलत लिखना।

कब से लागू हुआ यह नियम और इसका क्या है मुख्य उद्देश्य?

सुल्तान हैथम बिन तारिक ने 1 जून 2026 को शाही फरमान संख्या 61/2026 जारी किया था। इसके बाद 7 जून 2026 को इसे आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया और अगले ही दिन यानी 8 जून 2026 से इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया। ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इस कानून का मुख्य उद्देश्य देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा देना और इंटरनेट के जरिए होने वाले धार्मिक विवादों को पूरी तरह से रोकना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान में नया साइबर क्राइम कानून कब से लागू हुआ है?

ओमान में नया साइबर क्राइम कानून (शाही फरमान 61/2026) आधिकारिक रूप से 8 जून 2026 से लागू हो गया है।

क्या यह कानून ओमान में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर भी लागू होगा?

हां, यह कानून ओमान में रहने वाले सभी नागरिकों और विदेशी प्रवासियों पर समान रूप से लागू होता है। सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक अपमानजनक टिप्पणी के लिए प्रवासियों को भी कड़ी सजा हो सकती है।