ओमान सरकार ने खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब बोतलबंद पानी, डिब्बाबंद मछली और फार्म की मछलियों को देश में लाने के लिए नए और कड़े नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों का मकसद लोगों की सेहत की रक्षा करना और फूड सेफ्टी को बेहतर बनाना है।

क्या हैं नए नियम और किसे करना होगा पालन?

ओमान का Food Safety and Quality Centre (FSQ) अब उन कंपनियों से मान्यता मांगेगा जो बाहर से बोतलबंद पानी, डिब्बाबंद मछली और फार्म की मछलियाँ मंगवाती हैं। जिस देश से सामान आ रहा है, वहां की कंपनी को मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। अगर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी फूड सेफ्टी के नियमों को पूरा नहीं करती है, तो ओमान में सामान लाने की मंजूरी नहीं मिलेगी।

जरूरी तारीखें और आवेदन की प्रक्रिया क्या है?

इन नियमों की घोषणा 22 अक्टूबर 2025 को की गई थी और कंपनियों को इसे पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया था। यह समय 22 अप्रैल 2026 के आसपास खत्म हो रहा है। मान्यता पाने के लिए कंपनियों को Food Safety and Quality Centre को ईमेल के जरिए अपना आवेदन भेजना होगा।

मंत्रालय की चेतावनी और ईरान पर प्रतिबंध

कृषि, मत्स्य संपदा और जल संसाधन मंत्रालय ने साफ कहा है कि अगर कोई कंपनी बिना मान्यता वाली संस्था के साथ कॉन्ट्रैक्ट करती है और उसे नुकसान होता है, तो मंत्रालय उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा। इसके अलावा, 27 अक्टूबर 2025 को जारी एक फैसले के तहत ईरान से आने वाले बोतलबंद पानी और उससे जुड़े उत्पादों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

विवरण जानकारी
नियम की घोषणा 22 अक्टूबर 2025
अनुपालन की समय सीमा 6 महीने (अप्रैल 2026 तक)
प्रभावित उत्पाद बोतलबंद पानी, डिब्बाबंद मछली, फार्म की मछली
जिम्मेदार विभाग Food Safety and Quality Centre (FSQ)
आवेदन का माध्यम ईमेल के जरिए
ईरान पर प्रतिबंध बोतलबंद पानी का आयात बंद
कानूनी आधार रॉयल डिक्री नंबर 84/2008 और 92/2020
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.