ओमान में अब सरकारी नौकरियों और हेल्थ सेक्टर में स्थानीय लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यहाँ ओमानियों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत के पार पहुँच गई है। साथ ही, सरकार ने विदेशी कंपनियों और वर्क परमिट को लेकर भी नए नियम जारी किए हैं, जिनका सीधा असर यहाँ काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ सकता है।
हेल्थ सेक्टर में ओमानियों की कितनी है संख्या?
स्वास्थ्य मंत्रालय (MoH) की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र में ओमानकरण (Omanisation) की दर में बड़ा सुधार हुआ है। इसके मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल ओमानकरण: 2025 में स्वास्थ्य मंत्रालय में यह दर 71.4% तक पहुँच गई।
- फार्मासिस्ट और इंजीनियर: सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्ट और मेडिकल इक्विपमेंट इंजीनियरों की संख्या 97.7% तक पहुँच चुकी है।
- डॉक्टर्स: जनवरी 2026 तक स्वास्थ्य संस्थानों में ओमानि डॉक्टरों की संख्या बढ़कर 44% हो गई है।
- नर्सिंग और मेडिकल सपोर्ट वाली नौकरियों में भी स्थानीय लोगों की संख्या में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।
विदेशी कंपनियों और वर्क परमिट के लिए क्या हैं नए नियम?
ओमान सरकार ने श्रम मंत्रालय (MoL) के ज़रिए प्रवासियों और कंपनियों के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए हैं:
- अनिवार्य भर्ती: सभी विदेशी कंपनियों को अपना काम शुरू करने के एक साल के भीतर कम से कम एक ओमान नागरिक को नौकरी पर रखना होगा और उन्हें सोशल प्रोटेक्शन फंड (Social Protection Fund) में रजिस्टर करना होगा।
- वर्क परमिट फीस: 16 फरवरी 2026 से वर्क परमिट की फीस में बदलाव किया गया है। जो कंपनियाँ ओमानकरण के टारगेट पूरे करेंगी, उन्हें फीस में 30% की छूट मिलेगी, जबकि टारगेट पूरा न करने वाली कंपनियों की फीस दोगुनी कर दी जाएगी।
- लाइसेंस की अवधि: गैर-ओमान कामगारों के वर्क प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता को 15 महीने से बढ़ाकर अब 24 महीने कर दिया गया है।
- नौकरियों पर पाबंदी: जनवरी 2026 से 200 से अधिक पेशों में प्रवासियों की भर्ती पर सीमा तय की गई है, जिसमें प्राथमिकता ओमान नागरिकों को दी जाएगी। IT और डिजिटल भूमिकाओं में यह पाबंदी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से लागू होगी।
सरकारी ठेके और IT सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार ने अब निजी कंपनियों के लिए सरकारी प्रोजेक्ट्स पाना मुश्किल कर दिया है। टेंडर बोर्ड के सर्कुलर (2025/2) के अनुसार, जो प्राइवेट कंपनियाँ सरकार द्वारा तय ओमानकरण रेट को पूरा नहीं करेंगी, उन्हें सरकारी ठेके नहीं दिए जाएंगे। इसके अलावा, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MTCIT) ने IT सेक्टर में 63% ओमानकरण का लक्ष्य रखा है और टेक्निकल व लीडरशिप पदों पर 41% ओमानियों को नियुक्त करने की योजना बनाई है।