ओमान में अब सोशल मीडिया पर चैरिटी या मदद मांगने वाले इन्फ्लुएंसर्स को सावधान रहना होगा। सरकार ने नया नियम लागू किया है जिसके तहत अब किसी भी मानवीय मदद या चैरिटी के प्रचार के लिए आधिकारिक मंजूरी लेना जरूरी होगा। यह फैसला डिजिटल तरीके से जुटाए जाने वाले पैसों में पारदर्शिता लाने और लोगों के भरोसे को बचाने के लिए लिया गया है।
Ministry of Commerce, Industry and Investment Promotion (MoCIIP) ने साफ किया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, निजी कंपनियां और मीडिया हाउस अब बिना लाइसेंस के किसी चैरिटी प्रोजेक्ट का प्रचार नहीं कर सकते। अगर कोई बिना मंजूरी के लोगों से दान मांगता है या मदद के लिए अपील करता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस संबंध में मंत्रालय ने 2 जून 2026 को एक नोटिस जारी किया था, जिसकी विस्तृत जानकारी 20 जून की रिपोर्ट में सामने आई। दरअसल, दिसंबर 2022 में जारी एक पुराने नियम (Ministerial Decision 619/2022) के तहत केवल मुनाफे वाले विज्ञापनों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी था, लेकिन उसमें चैरिटी के कामों को शामिल नहीं किया गया था। अब सरकार ने इस कमी को दूर कर नया निर्देश जारी किया है।
सिर्फ वाणिज्य मंत्रालय ही नहीं, बल्कि Ministry of Information ने भी सोशल मीडिया चलाने वालों को जरूरी लाइसेंस लेने के लिए कहा है। यह कदम 1 जून 2026 से लागू हुए मीडिया कानून के नए नियमों के तहत उठाया गया है। इसके साथ ही, 1 जून 2026 से नया साइबर क्राइम कानून (Royal Decree No. 61/2026) भी लागू हुआ है, जो डिजिटल गवर्नेंस और प्राइवेसी को और सख्त बनाता है।
जानकारों का कहना है कि इस नियम से आम लोगों और दान देने वालों का फायदा होगा। इन्फ्लुएंसर फातिमा अल बलुशी के मुताबिक, इससे यह पक्का होगा कि चैरिटी कैंपेन असली हैं और पैसा सही जगह पहुंच रहा है। वहीं आईटी एक्सपर्ट तारिक अल बरवानी ने कहा कि आज के समय में कंटेंट क्रिएटर्स का प्रभाव बहुत बढ़ गया है, इसलिए उनकी जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी हो गया है।
