ओमान सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ किया है कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से कोई ट्रांजिट फीस या टोल नहीं लिया जाएगा। यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक उठाया गया है ताकि समुद्री व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

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ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने इस बात की पुष्टि की है कि जहाजों को सुरक्षित और टोल-फ्री रास्ता दिया जाएगा। 23 जून 2026 को मस्कट में ईरानी अधिकारियों और विदेश मंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद एक साझा बयान जारी किया गया। इसमें दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही।

हालांकि टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा, लेकिन ओमान और ईरान के बीच ‘सर्विस कॉस्ट’ यानी सेवा शुल्क को लेकर चर्चा जारी रहेगी। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों की एक जॉइंट वर्किंग टीम इस पर बात करेगी ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से भविष्य में नेविगेशन मैनेजमेंट और चार्जिंग सर्विस पर सहमति बन सके।

समुद्री सुरक्षा के लिए नए इंतजाम

जहाजों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ओमान ने International Maritime Organization (IMO) के साथ मिलकर एक अस्थायी समुद्री रास्ता (Temporary Sea Lane) बनाया है। जहाजों के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना जरूरी होगा और उन्हें IMO और ओमान अधिकारियों द्वारा दिए गए कोऑर्डिनेट्स का पालन करना होगा।

IMO ने ओमान के सहयोग से फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों के लिए एक निकासी योजना (Evacuation Plan) भी तैयार की है। इसके तहत जहाजों को धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए दो रास्ते तय किए गए हैं:

  • उत्तरी रास्ता: जो ईरान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र से होकर गुजरता है।
  • दक्षिणी रास्ता: जो ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र से होकर गुजरता है।

जहाजों के कप्तान अपनी सुविधा के अनुसार रास्ता चुन सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने चुने हुए रास्ते वाले तटीय देश से संपर्क करना होगा।

सावधानी और सुरक्षा नियम

समुद्री रास्ता सीमित होने की वजह से जहाजों के आपस में टकराने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए ओमान ने चेतावनी दी है कि सभी जहाज अपनी Automatic Identification System (AIS) को चालू रखें ताकि उनकी निगरानी हो सके और सुरक्षा बनी रहे।

यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक नए समझौते (MoU) के बाद सामने आया है। इस समझौते में कमर्शियल जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता देने की बात कही गई है। बता दें कि फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की वजह से यह रास्ता काफी हद तक बंद था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.