ओमान सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक अस्थायी समुद्री कॉरिडोर खोल दिया है। यह फैसला जहाजों की आवाजाही को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है। 23 जून 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग ऑपरेशंस को बड़ी राहत मिलेगी।
बिना किसी फीस के होगा रास्ता पार
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अलबुसैदी (Sayyid Badr Albusaidi) ने पहले ही 23 मार्च 2026 को संकेत दिए थे कि सरकार सुरक्षित रास्ते के लिए काम कर रही है। अब इस कॉरिडोर के जरिए जहाज बिना किसी ट्रांजिट फीस या टोल के गुजर सकेंगे। ओमान ने इस पूरे इंतजाम के लिए International Maritime Organization (IMO) के साथ तालमेल बिठाया है। जो जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें IMO द्वारा बताए गए खास कोऑर्डिनेट्स का पालन करना होगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का असर
यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हुई राजनयिक बातचीत और समझौतों के बाद उठाया गया है। हालांकि, ओमान ने चेतावनी दी है कि समुद्री रास्ता तंग होने की वजह से जहाजों के आपस में टकराने का खतरा बना रह सकता है। इसी वजह से सुरक्षा की निगरानी लगातार जारी रखी जाएगी। Royal Navy of Oman ने अभी खाड़ी में जहाजों के प्रवेश की पूरी जानकारी नहीं दी है, लेकिन जल्द ही अपडेट देने का वादा किया है।
11,000 नाविकों को बाहर निकालने की तैयारी
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ (Arsenio Dominguez) ने बताया कि इस कॉरिडोर के जरिए करीब 11,000 फंसे हुए नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक प्लान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कन्फर्म किया कि इस बड़े ऑपरेशन के लिए सुरक्षा की सभी गारंटी ले ली गई हैं और रास्ते की जांच कर ली गई है। International Chamber of Shipping ने भी इस कदम का स्वागत किया है।
ईरान के कुछ गुटों की अलग राय
इन सबके बावजूद, रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के कुछ गुट अभी भी दावा कर रहे हैं कि यह रास्ता बंद है और वे परमिट जारी नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह व्यवस्था केवल कुछ समय के लिए है। इन गुटों का मानना है कि 60 दिनों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरानी जलक्षेत्र बन सकता है, जहाँ बाद में सर्विस चार्ज वसूला जा सकता है।
