ओमान ने समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार और जहाजों की आवाजाही को लेकर अपना बड़ा रुख साफ कर दिया है। लंदन में हुई एक अहम बैठक में ओमान ने कहा कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से होनी चाहिए। ओमान ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का शुल्क लगाने के सख्त खिलाफ है।
लंदन में 10 जुलाई 2026 को इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) की 137वीं बैठक हुई। इस दौरान परिवहन मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी Eng. Khamis bin Mohammed Al Shammakhi ने ओमान का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ओमान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स की सुरक्षा और ग्लोबल ट्रेड को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाजों को यहां से गुजरने का हक है और इस पर कोई ट्रांजिट फीस नहीं लगनी चाहिए।
इसी कड़ी में 9 जुलाई 2026 को ओमान ने IMO के साथ मिलकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में दो नए अस्थायी रास्ते तय किए हैं। ये रास्ते मौजूदा शिपिंग लेन के उत्तर और दक्षिण में बनाए गए हैं। ओमान ने साफ कहा है कि इन नए रास्तों से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल या टैक्स नहीं लिया जाएगा, ताकि जहाजों का रास्ता आसान और सुरक्षित रहे।
ब्रिटेन के मिडिल ईस्ट मिनिस्टर Hamish Falconer ने भी इस फैसले पर ओमान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, ओमान की संप्रभुता और समुद्र में जहाजों की आजादी के सिद्धांत के साथ खड़ा है।
इससे पहले 1 जुलाई को ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Al Busaidi ने स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ कोई भी समझौता अंतरराष्ट्रीय कानून और यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (UNCLOS) के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि ओमान ट्रांजिट फीस लगाने का समर्थन नहीं करता क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
बैठक के दौरान ओमान के प्रतिनिधिमंडल ने IMO के महासचिव के साथ भी चर्चा की। इस बातचीत में समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण की रक्षा और समुद्र में आने वाली नई चुनौतियों से निपटने पर बात हुई। इसके अलावा, यूरोपीय संघ भी एक EU-GCC हाई लेवल फोरम की योजना बना रहा है, जिसमें हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही एक मुख्य मुद्दा होगा।
