Arab League Meeting: ओमान ने ली हिस्सा, ईरान से मांगा गया नुकसान का हर्जाना, जलमार्ग बंद करने पर हुई बड़ी बैठक

ओमान ने बुधवार 22 अप्रैल 2026 को अरब लीग की एक खास मंत्री-स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए हुई जिसे बहरीन ने बुलाया था क्योंकि अभी बहरीन के पास ही इस काउंसिल की कमान है। इस बैठक का मुख्य मकसद इलाके में बढ़ रहे सैन्य तनाव और ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे विवाद पर चर्चा करना था।

ईरान से हर्जाने की मांग और जलमार्ग पर विवाद

बैठक में शामिल अरब देशों के विदेश मंत्रियों ने एक बड़ा प्रस्ताव पास किया। इसमें मांग की गई कि ईरान उन सभी नुकसानों का पूरा हर्जाना भरे जो अरब देशों पर हुए हमलों की वजह से हुए हैं। साथ ही, ईरान द्वारा Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) को बंद करने की कड़ी निंदा की गई। मीटिंग में कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे दुनिया भर के व्यापार और समुद्री रास्तों की आज़ादी को खतरा है।

ओमान के विदेश मंत्री ने क्या कहा

ओमान की तरफ से इस बैठक में राजदूत अब्दुल्ला नासिर अल रहबी ने हिस्सा लिया। ओमान के विदेश मंत्री सयद बद्र अलबुसाइड ने कहा कि यह समय बहुत नाजुक है और बल के बजाय बातचीत और शांति को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने इजराइल और अमेरिका की कार्रवाइयों को गलत बताया और ईरान की जवाबी कार्रवाई को भी अस्वीकार्य कहा। उन्होंने सभी देशों से संयम बरतने और जल्द से जल्द कूटनीति की तरफ लौटने की अपील की।

किन देशों ने लिया हिस्सा और क्या था असर

इस मीटिंग की अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने की। उनके साथ सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, इराक, मिस्र, जॉर्डन और मोरक्को जैसे देश भी शामिल थे। बहरीन ने बताया कि ईरान की हरकतों से समुद्री यातायात, ऊर्जा सुरक्षा और खाने-दवाई की सप्लाई में दिक्कत आ रही है। इससे न सिर्फ अरब देशों बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है और तेहरान को इसका जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।